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डिस्कवरी चैनल से सीखकर तोड़ डाले 35 से ज्यादा एटीएम

Sun, 23 Jul 2017 12:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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ATM Loot
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आलमबाग पुलिस ने मोबाइल और कार की मरम्मत करने वाले दो ऐसे मैकेनिक को गिरफ्तार किया है, जो कई महीने से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में एटीएम तोड़कर लखपति बनने का सपना संजोए थे।
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दोनों को एटीएम तोड़ने का यह आइडिया डिस्कवरी चैनल के एक कार्यक्रम से मिला था। शातिरों ने 35 से ज्यादा एटीएम तोड़े हालांकि एक बार भी कैश बॉक्स क्रैक नहीं कर सके।

रुपये न मिलने पर शातिर एटीएम की डीवीआर और हार्ड डिस्क निकालकर उसे नाजा मार्केट में आधी कीमत पर बेच देते थे। बदमाशों के पास से हाइक विज़न कंपनी और तोशीबा कंपनी की दो-दो डीवीआर, प्लास-पेंचकस और पल्सर बाइक बरामद हुई है।
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इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश ठाकुरगंज के हुसैनाबाद निवासी मोटर मैकेनिक मो. इरफान और रामगंज में रहने वाला मोबाइल मैकेनिक मो. शादाब हैं। दोनों हाईस्कूल तक पढे़ हैं।

उन्हें शनिवार दोपहर गढ़ी कनौरा के इंडस्ट्रियल एरिया पार्क के पास से चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। इनके पास से डीवीआर और हार्ड डिस्क मिलीं तो पुलिसकर्मी चौंक गए। थाने लाकर पूछताछ करने पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। इरफान ने बताया कि यह डीवीआर और हार्ड डिस्क एटीएम मशीन तोड़कर निकाली गई हैं।

उसने बताया कि वह करीब एक साल से एटीएम मशीन तोड़ने का काम कर रहा था। मशीन तोड़ने का आइडिया उसे डिस्कवरी चैनल के एक कार्यक्रम से मिला। इसमें एटीएम खोलकर रुपये निकालने के बारे में बताया गया था।

बकौल इरफान, वह एटीएम तोड़कर सबसे पहले उसकी हार्ड डिस्क व डीवीआर निकाल लेता था, जिससे कैमरे काम करना बंद कर देते थे। इसके बाद वह कैश बॉक्स तोड़ने की कोशिश करता। हालांकि, एक बार भी वह कैश बॉक्स क्रैक नहीं कर सका।

डीवीआर और हार्ड डिस्क को वह नाजा मार्केट में घूम-घूमकर पांच से छह हजार रुपये में बेच देता था। आधी रात को सुनसान स्थान के एटीएम को बनाते थे निशाना बदमाशों ने बताया कि वह आधी रात को सुनसान स्थान पर बने एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे।

बूथ में घुसकर एटीएम मशीन का स्क्रीन पैनल डाउन कर देते थे और डीवीआर व हार्ड डिस्क निकाल लेते थे। यह काम प्लास और पेंचकस से आसानी से हो जाता था। उन्होंने चौक के नक्खास स्थित केनरा बैंक व इंडसइंड बैंक के एटीएम तोड़कर डीवीआर और हार्ड डिस्क निकाली थी।

इसके अलावा ठाकुरगंज के हुसैनाबाद, अमीनाबाद के मौलवीगंज और राजाजीपुरम के कई एटीएम तोड़ने की बात भी उन्होंने कुबूल की है। 
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एजेंसी के कर्मचारियों पर भी शक

- फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि एटीएम तोड़ना साधारण लोगों के बस की बात नहीं है। इस काम में जरूर कोई तकनीकि रूप से विशेषज्ञ भी शामिल होगा। हो सकता है कि शातिर बदमाशों को एटीएम में रुपये भरने वाली एजेंसी के कर्मचारी सहयोग कर रहे हों। इस दिशा में भी छानबीन की जा रही है।
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