गोंडा जिले में नवाबगंज थाने में पुलिस अभिरक्षा में युवक की मौत के मामले में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसपी आकाश तोमर ने एक दरोगा व सात सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। जबकि नवाबगंज इंस्पेक्टर व एसओजी प्रभारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मामला झोलाछाप राजेश की हत्या से जुड़ा है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के चौहान पुरवा निवासी झोलाछाप राजेश चौहान की कुछ दिनों पहले रात में सोते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। प्रकरण की जांच में जुटी नवाबगंज पुलिस व एसओजी ने मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर इसी थाना क्षेत्र के माझा राठ गांव के रहने वाले संविदा लाइनमैन देव नारायन यादव उर्फ देवा को पूछताछ के लिए 14 सितंबर को थाने में बुलाया था।
देवा के पिता राम बचन यादव अपने दामाद व दुर्गागंज माझा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राधेश्याम यादव के साथ उसे लेकर थाने गए थे। रामबचन का आरोप है कि उनके पहुंचते ही इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह देवा को लेकर थाना परिसर में पीछे बने एक कमरे में लेकर चले गए। कुछ देर बाद इंस्पेक्टर ने बताया कि देवा बेहोश हो गया है। उसे जिला अस्पताल भेजा है। राम बचन के मुताबिक जब वह जिला अस्पताल पहुंचे तो कुछ देर बाद पुलिस देवा का शव लेकर एंबुलेंस से पहुंची। राम बचन ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह, थाने के सिपाही मनोज कुमार, धर्मेंद्र सिंह व मिथिलेश के साथ ही एसओजी के पुलिसकर्मियों की पिटाई से देवा की मौत हुई है।
मामले में राम बचन यादव ने नवाबगंज इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह, सिपाही मनोज कुमार, धर्मेंद्र सिंह व मिथिलेश को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी आकाश तोमर ने इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह व एसओजी प्रभारी अमित यादव को निलंबित कर दिया था। घटना के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद जब शव नवाबगंज पहुंचा तो वहां जमकर बवाल हुआ। बिजली कर्मचारियों ने आपूर्ति ठप कर सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर शव रखकर सैकड़ों ग्रामीण भी धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के साथ ही पुलिस के आठ वाहन तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
डीएम-एसपी ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया था। पुलिस ने अलग-अलग लोगों की तहरीर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए थे। इस बीच मृतक देवा के परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने व पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग उठाई। परिजनों ने शनिवार को डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार व एसपी आकाश तोमर से मुलाकात कर आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की। रविवार को एसपी आकाश तोमर ने एक दरोगा व सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अब तक निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हो गई है।
ये पुलिसकर्मी हुए निलंबित
- उपनिरीक्षक आलोक सर्विलांस सेल
- हेड कांस्टेबल मिथिलेश सिंह, थाना नवाबगंज
- कांस्टेबल धर्मेंद्र, थाना नवाबगंज
- कांस्टेबल मनोज कुमार, थाना नवाबगंज
- हेड कांस्टेबल राकेश सिंह, एसओजी
- हेड कांस्टेबल अरुण यादव, एसओजी
- कांस्टेबल आदित्य पाल, एसओजी
- कांस्टेबल अमित पाठक, एसओजी