हसनगंज क्षेत्र में तंगहाली से परेशान होकर दूधिया ने रंगदारी वसूलने की ठान ली।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर की पत्नी को फोन कर बेटे के अपहरण की धमकी देते हुए दस लाख की फिरौती मांगी। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए पुलिस के पकड़ते ही माफी मांगने लगा।
एएसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन ने बताया कि निरालानगर में रहने वाले रिटायर्ड बैंक मैनेजर सुशील कुमार गुप्ता की पत्नी प्रभा गुप्ता को अज्ञात व्यक्ति ने बृहस्पतिवार शाम 7-8 बजे के बीच फोन किया। खुद को डॉन बताते हुए दस लाख की मांग रखी।
रकम न मिलने पर रांची में पढ़ रहे बेटे को अगवा कर लेने की धमकी दी। घबराई प्रभा ने तुरंत पति को जानकारी दी और मामला पुलिस तक पहुंचा।
उधर,धमकी के बाद फोन बंद हो गया। पुलिस ने दंपती के बेटे की सुरक्षा के साथ इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए आरोपी की तलाश शुरू की।
मोबाइल लगातार बंद रहने पर आईएमईआई नंबर के आधार पर तहकीकात करते हुए मोहल्ला नईबस्ती बाबूगंज के इस्लामुद्दीन को धर दबोचा।
उसके कब्जे से धमकी में इस्तेमाल मोबाइल बरामद हो गया। इस्लामुद्दीन ने पूछताछ में कुबूला कि डेयरी चलाता है और बरसों से सुशील के घर दूध देता था।
कुछ समय पहले भैंसें मर गई। धंधा चौपट होने पर रिश्तेदारों से रुपये उधार लिए और पत्नी के गहने बेचकर दस भैंसें लाया।
कुछ ही दिनों में उनमें से भी आठ भैंसें मर गई। इससे वह तबाही की कगार पर पहुंच गया। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
इस बीच अपहरण की कहानी पर आधारित फिल्म देख दिमाग में रकम ऐंठने का आइडिया आया।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर सुशील कुमार सॉफ्ट टारगेट नजर आए। फर्जी आईडी से सिमकार्ड की व्यवस्था की और सुशील की पत्नी प्रभा को फोन कर रंगदारी मांगी बैठा।