भारत संचार निगम की सलाहकार समिति का सदस्य बताते हुए एक जालसाज ने
सचिवालय व सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के 9.60 लाख
रुपये हड़प लिए।
काफी समय तक नौकरी की उम्मीद में भटकने के बाद पीड़ितों ने
बुधवार को गोमतीनगर थाने में तहरीर दी।
पुलिस ने पीली पर्ची काटकर उन्हें
चलता कर दिया। पीड़ितों के अनुसार जालसाज बीस से अधिक लोगों को ठगी का
शिकार बना चुका है।
इलाहाबाद के पवनेश कुमार
पटेल ने बताया कि तीन साल से गोमतीनगर विनयखंड स्थित विधायकपुरम में किराए
पर रहते हैं।
एक निजी कंपनी में बतौर अकाउंटेंट काम करने वाले पवनेश ने
बताया कि बाराबंकी का सिद्धराज साथ ही काम करता है।
छह माह पहले कंपनी के
कार चालक मनोज तिवारी के जरिए नेहरू एन्क्लेव निवासी श्याम नारायण तिवारी
उर्फ एसएन तिवारी से मुलाकात हुई।
मनोज ने
उन्हें अपना चाचा और भारत संचार निगम की सलाहकार समिति के सदस्य बताया। साथ
ही झांसा दिया कि उनकी पहुंच सचिवालय और शासन में काफी ऊपर तक है, अगर वे
चाहें तो नौकरी मिल सकती है।
पवनेश और सिद्धराज ने नौकरी के लालच में मनोज
के जरिए श्याम नारायण से सिफारिश की। श्याम ने सचिवालय में नौकरी के नाम पर
पवनेश से छह और सिद्धराज से चार लाख रुपये मांगे।
11 अक्टूबर 2013 को
पवनेश ने 5 लाख 80 हजार व सिद्धराज ने 3 लाख 60 हजार नेहरू एन्क्लेव स्थित
श्याम के आवास पर जाकर दे दिया। पवनेश ने एक दिन बाद ही 20 हजार रुपये का
चेक भी दे दिया।
चार बीतने के बाद दोनों ने नौकरी के लिए पूछना शुरू किया
तो श्यान टरकाने लगा। शक होने पर रुपये मांगने शुरू किया तो उसने फोन उठाना
ही बंद कर दिया।
दस मार्च 2014 को दोनों उसके घर पहुंचे तो जान से मारने
की धमकी देते हुए भगा दिया। इस पर पीड़ितों ने गोमतीनगर थाने में तहरीर दी
है। इंस्पेक्टर अजीत सिंह चौहान ने जांच चौकी प्रभारी अनिल कुमार को सौंपी
है।