आर्थिक तंगी से क्षुब्ध होकर ठाकुरगंज में शनिवार को हिस्ट्रीशीटर के भाई ने तमंचे से खुद को गोली मार ली। परिवारवाले गंभीर अवस्था में उसे ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया है। बकौल पुलिस, 60 रुपये को लेकर उसका अपने हिस्ट्रीशीटर भाई से विवाद हुआ था।
ठाकुरगंज के गऊघाट निवासी हिस्ट्रीशीटर शहंशाह का भाई मुख्तार अहमद उर्फ राजू (28) जरदोजी कारीगर था। वह पंजाब की एक कपड़ा मिल में काम करता था। छह महीने पहले नौकरी छूटने के बाद वह लखनऊ आ गया।
यहां पर हुसैनाबाद के कारखाने में उसे नौकरी तो मिल गई लेकिन डेढ़ महीने पहले वहां से भी निकाल दिया गया। वह आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। शुक्रवार शाम शहंशाह ने मुख्तार अहमद को सब्जी लाने के लिए 60 रुपये दिए थे, लेकिन उसने यह रुपये कहीं और खर्च कर दिए।
इसे लेकर पहले मुख्तार अहमद की पत्नी इशरत से कहासुनी हुई थी। इसके बाद भाई शहंशाह से झगड़ा हो गया। सुबह लगभग दस बजे इशरत ने गोली चलने की आवाज सुनी। वह कमरे में पहुंची तो देखा कि मुख्तार लहूलुहान अवस्था में पड़ा हुआ था।