एक दर्जन से अधिक वकीलों के गिरफ्त में आने की सूचना मौके से भागे साथियों ने कचहरी तक पहुंचा दी। इसके बाद वकील मड़ियांव थाने पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस की सख्ती देखकर वकील थाने से निकले और जाम लगाने का प्रयास किया। हालांकि इसमें सफल नहीं हो पाए। कुछ देर बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी पहुंच गए। कई बार समझौते के लिए पुलिस पर दबाव बनाया, लेकिन सारी कोशिश बेकार हो गई।
थाने में कई बार हुई कहासुनी
थाने पर जुटे वकीलों ने कई बार हिरासत में मौजूद साथियों से मिलने को मुंशियाने में जाने का प्रयास किया पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर हंगामा शुरू कर दिया। दो घंटे में चार से पांच बार वकीलों और पुलिस में झड़प हुई। मौजूद क्षेत्राधिकारी से बातचीत के दौरान वकीलों ने कमरे में हंगामा शुरू कर दिया। किसी तरह पुलिस ने वकीलों को खदेड़ा।
हमले में तोड़ी गई पुलिस जीप।
- फोटो : amar ujala
प्रभारी निरीक्षक अमरनाथ वर्मा ने बताया कि नरहरपुर से पुलिस हिरासत में आए वकीलों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई। इनमें अनस, राजकुमार शर्मा, रोहित साहू, कृत्यांश, रवि कुमार, धीरेन्द्र अवस्थी उर्फ धीरू, अनुराग त्रिवेदी, अजीत सिंह, सुनील गुप्ता, तस्लीम अहमद, नीरज अग्रवाल और मो. सलीम शामिल हैं।
इनके खिलाफ पुलिस टीम पर हमला करने, सरकारी काम में बांधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। देर शाम सभी आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराकर जेल भेज दिया गया।