कैबिनेट मंत्री का पीआरओ बताकर ठगी करने वाले लखीमपुर खीरी के निघासन निवासी प्रमोद कुमार पांडे को शनिवार को क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया। उसने पीलीभीत स्थित टाइगर रिजर्व में फारेस्ट गार्ड की नौकरी का झांसा देकर शाहजहांपुर के कांठ निवासी वन दरोगा ओमकार के बेटे आनंद से तीन लाख रुपये लिए थे।
आनंद नियुक्ति पत्र लेकर टाइगर रिजर्व पहुंचा जहां से उसे भगा दिया गया। ठगी के शिकार आनंद ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने पांडे को विधान भवन के गेट नंबर एक से दबोच लिया।
उसके पास से लखीमपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर के 12 युवकों के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ ही कैबिनेट मंत्री और फारेस्ट निदेशक की मुहरें मिली हैं। एएसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पांडे का एक साथी खीरी निवासी मुकेश भी है।
वह भी उसके पास बेरोजगार युवकों को लाता था। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। एएसपी क्राइम ने कहा कि जिन लोगों के फर्जी नियुक्ति पत्र मिले हैं, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
दारुलशफा के कॉमन हॉल में था ठिकाना
प्रमोद कुमार पांडे ने दारुलशफा के कॉमन हॉल में अपना ठिकाना बना रखा था। वह युवकों को मिलने के लिए दारुलशफा बुलाता था।
जिस दिन युवकों से मुलाकात होनी होती थी, वह एक दिन पहले गांव से दारुलशफा पहुंच जाता था। रात को कॉमन हॉल में बिताता। अगले दिन युवक उसे दारुलशफा पहुंचकर फोन करते तो वह गेट पर आकर उनसे मिलता और वहीं रुपये ले लेता था।
एएसपी क्राइम ने बताया कि पांडे ने बीते वर्ष अगस्त में आनंद से नौकरी के लिए संपर्क किया था। उसके झांसे में आकर आंनद 24 अगस्त को दारुलशफा पहुंचा।
यहां पांडे ने फाइल खुलवाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये लिए। सितंबर में आनंद ने फिर दारुलशफा आकर पांडे को एक लाख रुपये दिए। इसके बाद 17 नवंबर को एक लाख रुपये देकर नियुक्ति पत्र लिया।
पोल खुलने के बाद भी ठग ने आनंद से सवा लाख और झटकने की कोशिश की। एएसपी क्राइम ने बताया कि आनंद फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर टाइगर रिजर्व पहुंचा तो उसे भगा दिया गया।
मंत्री और पीआरओ बनकर बात करता था शातिर
भगाए जाने के बाद आनंद ने पांडे से संपर्क किया। पांडे ने विभाग से उसकी फाइल टाइगर रिजर्व न पहुंचने की बात कहते हुए सवा लाख रुपये और मांगे। इस बीच आनंद ने पुलिस से भी संपर्क कर लिया था।
रुपये देने के बहाने उसे विधान भवन के गेट नंबर एक पर बुलाया गया। पांडे जैसे ही यहां पहुंचा, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह, दरोगा फजलुर्रहमान, सिपाही मो. कलीम, शरीफ और रुपेंद्र शर्मा ने उसे दबोच लिया।
शातिर पांडे पीआरओ और मंत्री दोनों का किरदार निभा लेता था। एएसपी क्राइम ने बताया कि वह पीआरओ बनकर युवकों को अपने जाल में फंसाता था।
दो-तीन बार बातचीत के बाद वह युवकों को मंत्री से बात कराने का झांसा देता था। पीआरओ बनकर वह युवकों को कॉल करता और कहता था कि मंत्री जी बात करेंगे। इसके बाद आवाज बदलकर वह युवकों से बात करने लगता था। युवक उसके झांसे में आकर रुपये दे देते थे।
नेताओं के साथ रहकर सीखा बातचीत का हुनर
पांडे खुद बेरोजगार है और लखीमपुर में नेताओं के साथ घूमता था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भाजपा के एक सांसद सहित कई सपा नेताओं के लिए उसने झंडा लगाने से लेकर प्रचार तक का काम किया।
जनसंपर्क के दौरान वह नेताओं के साथ रहता था। इस दौरान उसने नेताओं की बातचीत का हुनर और व्यवहार सीखा और ठगी शुरू कर दी। एएसपी क्राइम ने बताया कि बीते करीब एक साल से वह ठगी का धंधा कर रहा था।
पांडे बेरोजगार युवकों को नौकरी का झांसा देकर 20 लाख रुपये से अधिक ठग चुका है। ठगी की रकम से ही उसने खीरी में पक्का मकान बनवा लिया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घर पर पंपिंग सेट और हैंडपंप भी उसने ठगी के रुपयों से ही लगवाया है। अब पुलिस उसके बैंक अकाउंट खंगाल रही है।