12 अक्तूबर को चारबाग रेलवे स्टेशन पर पूरबिया एक्सप्रेस के यात्री को पांच किलोग्राम सोना होने की सूचना पर अगवा करने का प्रयास किया गया था।
हालांकि, गलती से सोना लेकर जा रहे व्यापारी की जगह दूसरे को निशाना बना लिया गया।
जिसे जीआरपी के सिपाही करन की मुस्तैदी के चलते बचाया गया था।
जीआरपी आरोपियों की तलाश में जुटी ही थी कि वारदात में शामिल अर्जुन यादव बृहस्पतिवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पर दिखा।
सिपाही करन ने उसे पहचान लिया। सूचना पर इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडे ने अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया। हत्थे चढ़े आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टाटा सफारी गंज स्थित ओसीआर बिल्डिंग से बरामद कर ली गई है।
इसके साथ ही जीआरपी ने प्रमोद कुमार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फैजाबाद के मिर्जापुर के मुमताजनगर निवासी अर्जुन यादव तारून ब्लॉक की प्रमुख माधुरी सिंह के पति प्रमोद का ड्राइवर है।
करीब एक महीना पहले ही उसने चार हजार रुपये प्रति माह पर नौकरी ज्वाइन की थी। अर्जुन उनका डीसीएम चलाता था। घटना के एक दिन पहले 11 अक्तूबर की रात अर्जुन वाराणसी में सामान उतारकर फैजाबाद पहुंचा।
प्रमोद ने उसे एक काम के लिए तुरंत लखनऊ जाने को कहा। अर्जुन ने थकान की बात कही, लेकिन प्रमोद के जोर देने पर उसे आना पड़ा। इसके बाद अर्जुन सुमित शर्मा और तीन अन्य लोगों के साथ लखनऊ के लिए रवाना हुआ।
रात करीब ढाई बजे सभी आलमबाग बस अड्डे पहुंचे। गाड़ी को प्रथम श्रेणी पोर्टिको में खड़ा कर एक युवक ने अर्जुन का फोन ले लिया।
ट्रेन के आते ही उसमें से उतरे एक व्यक्ति ने हरी टीशर्ट पहने युवक के पास पांच किलाग्राम सोना होने कि बात कही।
इसके बाद खाकी वर्दी में दो और उनके साथ की तीन लोग बोगी में चढ़े। हरी टीशर्ट पहने युवक पर तस्करी का आरोप लगाते हुए जबरन नीचे उतार लिया।
ऐसे हुई चूक
दरअसल अपहरण और लूटकांड करने वाले इस गिरोह का एक मुखबिर दिल्ली से पांच किलोग्राम सोना लेकर आ रहे व्यापारी के पीछे लगा था।
फोन पर पल-पल की खबर सुमित शर्मा और प्रमोद के खास आदमी को दे रहा था। ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर मुखबिर ने हुलिया तो बताया लेकिन गिरोह के लोग गलत बोगी में चढ़ गए।
इसी वजह से व्यापारी की जगह दिल्ली की एक फैक्ट्री में नौकरी करने वाले युवक को पकड़ लिया था।
टेंडर था नाम
अर्जुन ने बताया कि सुमित और उसके साथी कोड में बात कर रहे थे। बातचीत के दौरान दिल्ली से पांच लाख रुपये का टेंडर आने की बात कह रहे थे। पीछा करने वाला मुखबिर भी रात भर हर आधे घंटे में फोन कर रहा था।
प्रमोद ने दी थी वर्दी
इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडे ने बताया कि इस लूटकांड को अंजाम देने के लिए प्रमोद ने अपने दो भरोसेमंद साथियों को पुलिस की वर्दी दी थी। एक ने कांस्टेबल और दूसरे ने सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहनी।
भारी पड़ी एक चूक
पूरबिया एक्सप्रेस से यात्री को उतारकर ले जाते हुए उसे ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही करन ने देख लिया था। शक होने पर पीछा करते हुए बाहर तक आ गया।
इस बीच जबरन गाड़ी में बैठाने के लिए सुमित यात्री को पीटने लगा। करन के टोकने पर कहा कि अफीम का धंधा करता है। इस पर करन ने दोनों पुलिसकर्मियों से आई कार्ड मांग लिया।
खुद को घिरता देख सुमित उससे भिड़ गया। इस पर करन ने जीआरपी के और सिपाहियों को बुलाया और सुमित को पकड़ लिया।
वापस भागा सब इंस्पेक्टर
पुलिस की वर्दी पहनने वाला फर्जी सब इंस्पेक्टर खुद को घिरता देख चारबाग स्टंशन के अंदर भाग गया।
बाकी तीन लोग कार लेकर भाग गए जबकि अर्जुन वहां से चुपचाप बाहर निकलकर ऑटो से पॉलीटेक्निक चौराहे आया और वहां से फैजाबाद पहुंचा।
जेठ की गाड़ी
अपहरण में इस्तेमाल टाटा सफारी यूपी 42 पी 9797 दिनेश सिंह के नाम दर्ज है। दिनेश ब्लॉक प्रमुख माधुरी सिंह का जेठ है।
जीआरपी के अनुसार माधुरी ने खुद कुबूला कि कार जेठ के नाम है, लेकिन इस्तेमाल वह और उसके पति प्रमोद ही करते हैं।
वहीं, एक व्यापारी से हुई लूट की तफ्तीश कर रही बाराबंकी की रामसनेही घाट पुलिस और वहां के एसपी अभिषेक सिंह बृहस्पतिवार को लखनऊ पहुंचे।
बाराबंकी पुलिस उसी गाड़ी यूपी 42 आर 9797 से आई, जिसे कुछ दिन पहले लूटकांड के आरोप में बरामद किया गया था।
आरटीओ ने भेजी थी फर्जी रिपोर्ट
प्रमोद कुमार सिंह और उनके पूर्व विधायक और एमएलसी रिश्तेदारों का प्रभाव इतना अधिक है कि जांच को गुमराह करने के लिए फैजाबाद के आरटीओ ने जीआरपी को गलत रिपोर्ट भेज दी।
जीआरपी ने जिस यूपी 42 पी 9797 टाटा सफारी के मालिक की सूचना मांगी थी, आरटीओ ने उसे दिनेश के नाम पंजीकृत ऑडी बता दिया। जबकि इस इंजन व चेसिस नंबर पर टाटा सफारी दर्ज है, जो दिनेश के नाम है।
जीआरपी ने बुधवार को फिर से आरटीओ फैजाबाद कार्यालय जाकर जांच की। इस दौरान फाइल में यूपी 42 पी 9797 टाटा सफारी दर्ज पाया गया।
पूछताछ में आरटीओ का जवाब था कि जीप की श्रेणी में ऑडी कार को रखा जाता है, इसलिए गलती से टाटा सफारी की जगह ऑडी चढ़ गया।