अवैध संबंध में बाधक बनने पर ज्योति की हत्या उसके पति पीयूष श्याम दासानी ने ही कराई थी। पीयूष ने अपने पूर्व ड्राइवर अवधेश और उसके दो साथियों को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी।
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30 हजार भुगतान कर दिए गए थे बाकी रकम बाद में देनी थी। आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने हत्याकांड के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि वारदात वाले दिन पहले से तय साजिश के अनुसार रेस्टोरेंट से लौटते समय रास्ते में हत्यारोपी मिले थे।
चलती कार में की हत्या
पीयूष ने कार रोककर ज्योति को कार समेत हत्यारोपियों के हवाले कर दिया और खुद उतर गया। तीन हत्यारोपियों में से एक कार चलाता रहा और बाकी दो ने ज्योति को चाकुओं से गोद डाला।
पुलिस ने अवधेश और उसके साथियों सोनू और रेनू को पकड़ लिया है। सबके खिलाफ हत्या समेत कई धाराएं लगाई गई हैं। दोपहर में पीयूष को जेल भेज दिया गया।
वारदात की पूरी जानकारी रखने और सहयोग देने के आरोप में पुलिस ने पीयूष की प्रेमिका एक पान मसाला कारोबारी की बेटी को भी षडयंत्र का आरोपी बनाया है।
पहले दिन से ही था शक
काकादेव पांडु नगर निवासी उद्यमी पीयूष श्याम दासानी की पत्नी ज्योति (27) की 27 जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। ज्योति अपने पति पीयूष के साथ नवाबगंज रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर कार से लौट रही थी।
रास्ते में चंद्रशेखर आजाद कृषि एंव प्रौद्योगिक विवि. (सीएसए) के पास अज्ञात बाइक सवारों ने ज्योति को कार समेत अगवा कर मार डाला था। बाद में ज्योति की लाश कार में ही पनकी इलाके में मिली थी।
पुलिस ने पहले दिन से ही पीयूष को शक के घेरे में रखा था। मंगलवार को उसे हिरासत में लेने के बाद रात में सर्विलांस, मोबाइल कॉल की सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और प्रेमिकाओं से आमना-सामना कराया गया जो पीयूष टूट गया।
सीसीटीवी कैमरे से बचने की कोशिश
आईजी ने बुधवार को अपने दफ्तर परिसर में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि वारदात वाले दिन रेस्टोरेंट में आने से पहले ही पीयूष ने ज्योति की हत्या का पूरा ताना-बाना बुन लिया था। पीयूष खाना खिलाने के बहाने ज्योति को वरांडा रेस्टोरेंट ले गया था।
फोन करके वहीं अवधेश और उसके दोस्तों को बुलाया। बहाने से नीचे आकर दोनों से मिला। इस दौरान पीयूष ने सीसीटीवी कैमरे का पूरा ध्यान रखा। कवरेज एरिया से दूर तीनों को खड़ा कर रखा था। दोबारा रेस्टोरेंट में वापस गया।
फुटेज में पीयूष की बेचैनी साफ दिखी। वहीं रेस्टोरेंट से पीयूष ने अपनी प्रेमिका से भी बात की। रात 11:30 बजे इलाहाबाद की ओर लॉंग ड्राइव पर चलने की बात कहकर पीयूष और ज्योति कार में सवार हुए।
ज्योति से कहा, जाओ, काम खत्म
सीएसए-रावतपुर मार्ग पर रामचरन की मड़ैया निवासी ड्राइवर अवधेश, सोनू और अवधेश का दोस्त ड्राइवर रेनू कनौजिया मिल गए। पीयूष कार से नीचे उतर गया। तीनों कार में घुस गए। ज्योति ने कहा भी कि पीयूष ये क्या करा रहे हो तो पीयूष बोला- अब जाओ काम खत्म। फिर तीनों ज्योति को लेकर कार समेत चल निकले।
अवधेश कार चलाता रहा और दलहन अनुसंधान वाली रोड पर रेनू कनौजिया और सोनू ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर ज्योति को मार डाला। तीनों कार को पहले से तय सुरक्षित जगह पनकी ले गए। वहां छोड़कर आराम से भाग निकले।
आईजी ने बताया कि वारदात के बाद पीयूष ने अपना ब्लैकबेरी मोबाइल अपनी प्रेमिका एक पान मसाला कारोबारी की बेटी को दिया और कहा कि अपना और इसका दोनों का सिम तोड़ डालो, काम हो गया है।
इससे यह तय है कि कारोबारी की बेटी को पूरी जानकारी थी, सिम तोड़कर उसने वारदात में सहयोग किया। इससे उसके खिलाफ साजिश में शामिल होने की धारा में कार्रवाई की जा रही है।