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150 करोड़ की हेरोइन के साथ छह गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मादक पदार्थो की तस्करी करने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर एक अफगानी महिला व एक शख्स समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
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इनके कब्जे से बढ़िया क्वालिटी की 36 किलो हेरोइन बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

हेरोइन पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान से भारत आती थी। महिलाओं के सैंडल में इस हेरोइन को छिपाकर लाया जाता था।

अफगानिस्तान से भारत लाई गई हेरोइन

स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर उमेश भर्थवाल और कैलाश बिष्ट की टीम पिछले एक वर्ष में करीब 100 किलो हेरोइन/कोकीन बरामद कर चुकी है। इस टीम को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन आ रही है।

दिल्ली में रह रहे अफगानी नागरिक भारत व्यवसायियों की सहायता से मादक पदार्थों की तस्करी में लगे हुए हैं। इस टीम को 26 जुलाई को सूचना मिली थी कि डॉक्टर(कोड नेम) नामक व्यक्ति फकरू को हेरोइन की खेप देने जाएगा।

पुलिस टीम ने भीकाजी कामा प्लेस में इंजीनियर्स इंडिया लि. के पास घेराबंदी कर मो. जामिर उर्फ डॉक्टर और बाबा फकरू द्दीन शेख उर्फ फकरू को पकड़ लिया।

डॉक्टर भी शामिल है इस गेम में

डॉक्टर के कब्जे से आठ किलो और फकरू केकब्जे से 200 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। डॉक्टर ने पूछताछ में बताया कि वह दरियागंज निवासी सलीम केलिए काम करता है। सलीम ने हाल ही में अफगानी नागरिक मोहम्मद से हेरोइन की बड़ी खेप ली है।

फकरू ने बताया कि वह एक गिरोह के लिए काम करता है और दक्षिण भारत के में कई ग्रुप को हेरोइन सप्लाई करता है। इसके बाद जामा मजिस्द से सलीम को गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी निशानदेही पर गोदाम से 20 किलो हेरोइन बरामद की गई।

सलीम ने बताया कि उसने 36 किलो हेरोइन की खेप अफगानी नागरिक मोहम्मद से ली थी। पुलिस ने लाजपतनगर से मोहम्मद और भोगल से अफगानी महिला शकिबा को गिरफ्तार कर लिया। शकीबा के कब्जे से एक किलो हेरोइन बरामद की गई।
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पति की मौत के बाद उतरी धंधे में

शाकिबा के पति की वर्ष 2001 में अफगानिस्तान में बम धमाकों में मौत हो गई थी। वर्ष 2010 में ये ट्यूरिस्ट वीजा पर भारत आ गई थी । बाद में उसे रिफ्यूजी स्टेटस मिल गया और भोगल में किराए पर रहने लगी।

इसके बाद दिल्ली के अस्पतालों में इलाज कराने के लिए आने वाले अफगानी नागरिकों के लिए वह अस्पताल में ट्रांसलेटर का काम करती थी। एक वर्ष पहले दिल्ली इलाज के लिए आए अफगानी नागरिक से शाकिबा की मुलाकात हुई। इस नागरिक केकहने पर शाकिबा मादक पदार्थों के गोरखधंधे में उतर गई।

इस धंधे में आने केबाद उसकी मोहम्मद से मुलाकात हो गई थी। मोहम्मद काबूल अफगानिस्तान का रहने वाला है। वह गारमेंट का व्यवसाय करता था। जल्द ही मादक पदार्थों की तस्करी करने लगा और भारत आ गया। भारत में उसे लोकल सपोर्ट के लिए सलीम मिल गया। इसके बाद मोहम्मद, सलीम व शाकिबा तीनों मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे।
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