साहब,मेरा बेटा लवकुश छुटपुट काम कर पत्नी और तीन बच्चों की परवरिश करता था।
एमए पास बहू नौकरी न होने के चलते घर पर ही रहती है। बेटा अब दुनिया में नहीं है। बहू और बच्चों का क्या होगा? मेरी पेंशन से सबका गुजारा संभव नहीं है।
मोहल्ला कटरा खुदायार खां में रहने वाले बुजुर्ग हरीराम मिश्रा बुधवार दोपहर अपने घर पर पहुंचे सीओ और एसीएम को दुखड़ा सुनाते हुए फफक पड़े। पुलिस अधिकारियों ने ढांढस बंधाते हुए कहा कि उनके बेटे की हत्या की तफ्तीश करने नहीं,सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने ही आए हैं।
चकित से हरीराम ने छोटे बेटे, पोते-पोतियों और बहू को आवाज दी। पुलिस ने लवकुश की पत्नी पूनम से विधवा पेंशन योजना व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनपत्र भराए और जल्द ही सरकारी सहायता शुरू कराने का आश्वासन दिया।
पति की याद में आंसू बहा रही पूनम ने बच्चों को पालने का सहारा मिलने पर संतोष जताया। अपराध पीड़ितों की मदद के लिए एसएसपी प्रवीण कुमार के आदेश पर सीओ बाजार खाला सर्वेश मिश्रा,अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश उपाध्याय उसके घर पहुंचे।
सिपाही ने हरीराम मिश्रा के घर दस्तक दी। उनके बेटे लवकुश की उसके दोस्तों ने ही राजाजीपुरम के पार्क में शुक्रवार रात हत्या कर शव जला दिया था। हरीराम समझे कि बेटे की हत्या की तफ्तीश के सिलसिले में पुलिस आई है। सीओ सर्वेश मिश्रा ने हालचाल पूछा तो रो पड़े।
सीओ और एसीएम ने कंधे पर हाथ रखते हुए कहा बाबूजी हम आपके साथ हैं। लवकुश की पत्नी पूनम को अपने बच्चों की परवरिश में दिक्कत नहीं होगी।
अफसरों को कमरे में बैठाने के साथ हरीराम ने बहू व पोते-पोतियों को आवाज दी। पूनम बेटे शिवम (13),बेटी शिवानी (10)व तान्या (8)के साथ आई।
पुलिस अफसरों ने उसे ढांढस बंधाने की कोशिश की तो आंसू बह चले। किसी तरह शांत कराया। सरकारी योजनाओं से आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन देते हुए उससे निराश्रित विधवा के भरण पोषण अनुदान व समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के आवेदन पत्र भराए।
सीओ ने भरोसा दिलाया कि पूनम को सरकारी सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा बल्कि पुलिस जल्द ही उसे योजनाओं का लाभ दिलाएगी।
पति की हत्या के गम में डूबी पूनम ने पास में बैठे तीनों बच्चों की तरफ देखा और सरकारी मदद के लिए पुलिस के प्रयास पर संतोष जताया।