एमबीए और हार्डवेयर इंजीनियरिंग का कोर्स करने के बावजूद अच्छी नौकरी न मिलने से निराश एक युवक जब बेहद कम तनख्वाह में परिवार का खर्च चला पाने में नाकाम रहा तो उसने मौत को गले लगाने का फैसला कर लिया। बुधवार को जहरीला पदार्थ खाकर उसने जान दे दी।
ठाकुरगंज के जकारिया कॉलोनी निवासी साफिया ने बताया कि उसके पति सैफ अली काजमी (35) ने एमबीए की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह अच्छी नौकरी की तलाश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर उन्होंने हार्डवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
मौजूदा समय में वह सहारागंज स्थित बिग बाजार के कंप्यूटर सेक्शन में काम रहे थे। वहां उन्हें सात हजार रुपये प्रति माह तनख्वाह मिलती थी। इतनी कम तनख्वाह से उनके चार बच्चों वजीहा, कैफ, अली और हुमा की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना मुश्किल था।
काफी कोशिशों के बावजूद सैफ को अच्छी कंपनी में नौकरी नहीं मिल सकी। इसके बाद उसने विदेश जाने के प्रयास शुरू किये थे। कुछ माह पहले एक एजेंट ने उसे दुबई में नौकरी दिलवाने की बात कहकर वीजा निकलवाने के नाम पर 30 हजार रुपये ठग लिये थे।
पत्नी ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी वीजा नहीं मिल सका। इस वजह से वह और भी परेशान हो गये थे। रविवार को वह ऑफिस से घर पहुंचे तो उल्टियां शुरू हो गईं।
पूछने पर बताया कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है। इसके बाद उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।