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अखिलेश के ऑफिस में लुट रहे थे अफसर!

Thu, 07 Aug 2014 06:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ स्थित सचिवालय यानी अखिलेश के ऑफिस में बड़े-बड़े अफसरों को कई साल से चूना लगाया जा रहा था, जिसका खुलासा आखिरकार हो गया है।
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सचिवालय के न्याय विभाग में सहायक समीक्षा अधिकारी अतुल शर्मा कई साल से अपने एक दोस्त प्रमोद कुमार दुबे के साथ मिलकर सूबे के छोटे-बड़े आईएएस व पीसीएस अधिकारियों को लूट रहा था।

गुरुवार को हजरतगंज थाने की पुलिस ने एक वरिष्ठ पीसीएस अफसर की शिकायत पर इन दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

धमकाकर मांगी थी दो लाख रिश्वत

पकड़ा गया आरोपी अतुल शर्मा झांसी में रीजनल फूड कंट्रोलर के पद पर तैनात अवधेश कुमार मिश्रा को दो दिन से धमकी दे रहा था।

अवधेश के मुताबिक, अतुल ने उसे फोन पर धमकाया कि वह सचिवालय में स‌मीक्षा अधिकारी है और फर्जी मामले में सकर्तका जांच बैठाकर नौकरी से निलंबित करवा देगा।

मामले को रफा-दफा करने की एवज में अतुल ने सात अगस्त तक दो लाख रुपये की मांग की थी। उसने लखनऊ की विधानसभा के गेट नं. 8 पर अवधेश को दो लाख रुपये लेकर आने को कहा था।

पर, पुलिस ने बिगाड़ दिया खेल

अवधेश डरे जरूर, लेकिन उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने जाल बिछाया और अतुल का खेल बिगाड़ दिया।

पुलिस ने रिश्वत लेने विधानसभा के गेट नं. 2 पर पहुंचे सहायक समीक्षा अधिकारी और उसके दोस्त को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

जांच-पड़ताल में पता चला कि अतुल कई साल से ऐसे ही अफसरों को ठगी का शिकार बना रहा था। बहुत से अफसरों ने डर की वजह से चुपचाप इसे मांगी गई रकम दे भी दी थी।
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जेल में भी रहा और लगा है गैंगस्टर

अतुल इस धंधे में कितना माहिर था, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उसने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लेटरपैड पर उनके फर्जी साइन करके गाजियाबाद के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज पर काम करने का दबाव बनाया था।

हालांकि, उस समय भी सीबीसीआईडी की जांच में यह पकड़ा गया था और आठ महीने हवालात में भी रहा था। इतना नहीं, अतुल के ऊपर गैंगस्टर एक्ट भी लगा हुआ है।

इन सबके बावजूद, यह बड़े ही शातिर अंदाज में सचिवालय के नाम का फायदा उठाकर अफसरों को ठगी का शिकार बना रहा था।
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