मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी
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उसने कहा कि, ‘विधायक का मामला खत्म करने के लिए ऊपर से आदेश है।’ संगीता को लगा कि भाजपा नेता ने ही सारी सेटिंग की है। इसके बाद वह कथित नेता और फर्जी सीबीआई अधिकारी से रुपयों का तय-तोड़ करने लगीं। उन्होंने कहा कि इतने रुपये नहीं हैं तो ठगों ने 50 लाख रुपये में डील का प्रस्ताव रखा। इस पर संगीता ने परिवारीजनों को इस बारे में जानकारी दी।
अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांस गोमती हरेंद्र कुमार ने बताया कि परिवारीजनों को मामला संदिग्ध लगा तो वह पुलिस के पास पहुंचे। गाजीपुर थाना प्रभारी सुजीत कुमार राय को जांच के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस संगीता को कॉल करने वाले नंबर से ठगों तक पहुंच गई। दोनों को बुधवार शाम पॉलीटेक्निक चौराहा से दबोच लिया गया। दोनों ने जुर्म कुबूल कर लिया है। इनके पास से मोबाइल फोन भी बरामद कर बृहस्पतिवार को दोनों को जेल भेज दिया गया।
आलोक बीएससी का छात्र है और दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा है, जबकि विजय रावत ट्रैक्टर ड्राइवर है।
गूगल पर ढूंढा था संगीता का नंबर
आलोक ने बताया कि उसने गूगल पर संगीता का नाम डालकर सर्च किया। वहीं से नंबर लेकर उन्हें कॉल की गई थी।
रुपये देने के बहाने बुलाया
संगीता ने बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस के साथ मिलकर जाल बिछाया। रुपया देने के बहाने जब उनसे संपर्क किया तो शातिरों ने पहले जानकीपुरम फिर सीबीआई ऑफिस बुलाया। दो दिन तक लुकाछिपी के बाद अंतत: पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।