पुलिस के हत्थे चढ़ा चेन लूट का आरोपी करन एक्शन थ्रिलर फिल्म धूम के खलनायकों से प्रेरित था।
किशोरावस्था में उस पर धूम के खलनायक कबीर (जॉन अब्राहम) और धूम-टू के मिस्टर ए (ऋतिक रोशन) के किरदारों का बड़ा असर हुआ। धूम सीरीज की फिल्में देखकर वह चोर-पुलिस के इस खेल में ऐसा घुसा कि अभी तक निकल नहीं पाया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यही फिल्में देख स्टंट बाइकिंग में माहिर बना और एक के बाद एक वारदात को अंजाम देता चला गया।
दरअसल, करन न सिर्फ इन फिल्मों के विलेन की तरह बना, बल्कि दिल्ली पुलिस ने भी उसे पकड़ने के लिए धूम फिल्म की तर्ज पर रणनीति बनाई।
आरोप की पिता राकेश शिवपुरी की कैंसर से मौत हो गई
डेमो
- फोटो : डेंमो
दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2011 में उसे पकड़ने के लिए मुंबई से देश के टॉप बाइकर्स को बुलाया, लेकिन ये बाइकर्स भी करन के सामने फेल साबित हुए। अंत में दिल्ली पुलिस धूम फिल्म में पुलिस के किरदार की तरह ही नाकामयाब ही रही।
पूछताछ में करन ने बताया कि उसने वर्ष 2004 में धूम सिरीज की पहली फिल्म धूम देखी थी। इसके बाद वह फिल्म के विलेन कबीर की तरह बाइक चलाने लगा। उस वक्त वह केवल 11 साल का था। लिहाजा पिता ने उसका यह शौक छुड़ा दिया था।
इसके बाद साल 2006 में आई फिल्म धूम-टू के खलनायक ऋतिक रोशन के किरदार का भी उस पर गहरा असर हुआ। तब तक उसके पिता राकेश शिवपुरी की कैंसर से मौत हो गई।
पिता की मौत के बाद करन पर एक बार फिर बाइकिंग का भूत सवार हो गया और अपने एक दोस्त अंकित निवासी दिल्ली के साथ वह स्टंट बाइकिंग करने लगा। वर्ष 2006 से 2011 तक उसने दिल्ली पुलिस की नाक में दम कर दिया था। पुलिस के अनुसार, करन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने इन चार वर्षों में करीब 100 वारदात को अंजाम दिया था। इनमें ज्यादातर में पुलिस उसके पीछे लगी थी, लेकिन कभी वह पकड़ा नहीं गया था।
बालिग होते ही पुलिस ने किया था गिरफ्तार
लूट
- फोटो : self
चेन लूट का आरोपी करन कई बार छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं में पुलिस के हत्थे चढ़ा, लेकिन नाबालिग होने के चलते हर बार छूट जाता था।
कड़ी सजा दिलाने के लिए दिल्ली पुलिस उसके बालिग होने का इंतजार कर रही थी। पुलिस इतनी सतर्क थी कि उसके एक ठिकाने पर उस रात पहुंची, जिस रात वह बालिग होने वाला था। उस दिन उसकी उम्र 17 साल 364 दिन थी। पुलिस ने उसे रात को 12 बजे के बाद गिरफ्तार किया था।
असली आईडी जमा कर बेचता था चेन
चेन लूटने के बाद करन उन्हें देहरादून और पड़ोसी जिलों के सुनारों को बेचता था। हालांकि, चेन बेचते समय वह अपनी असली आईडी ही सुनार के पास जमा करता था। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि ज्वैलर्स से भी इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। ज्वैलर्स से उसके द्वारा बेची गई चेन बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।