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बैंक से पासवर्ड नहीं मिला, जालसाजों ने कर ली 1.19 लाख की शॉपिंग

Sun, 23 Apr 2017 04:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : demo pic
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लखनऊ के गोमती नगर में साइबर ठगों ने विनयखंड निवासी मनोज कुमार श्रीवास्तव व दीपक शर्मा के क्रेडिट कार्ड से 1.19 लाख रुपये की शॉपिंग कर डाली। जबकि पीड़ित को कार्ड का पिन नंबर तक नहीं मिला था।
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मैसेज आने पर मनोज ने कार्ड ब्लॉक करवाया। पीड़ित ने बैंक कर्मियों पर हैकर्स से साठगांठ का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।

गोमती नगर कार्यवाहक प्रभारी नारदमुनि ने बताया कि मनोज कुमार श्रीवास्तव रेलवे में ठेकेदारी करते हैं। मनोज का कहना है कि कुछ दिन पहले उन्होंने एसबीआई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। 13 अप्रैल को कुरिअर कंपनी द्वारा क्रेडिट कार्ड मिला और 17 अप्रैल को उसका पिन कोड।

इस दौरान 14 अप्रैल को क्रेडिट कार्ड डिवीजन से वेरिफिकेशन कॉल आई। डेली कॉलर ने क्रेडिट कार्ड के एंश्योरेंस के लिए 1599 रुपये जमा करने के लिए कहा। इन्कार पर डेली कॉलर की कॉल कटते ही उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से खरीददारी करने के मैसेज आने लगे।
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जब तक कार्ड ब्लॉक होता, हो चुकी थी शॉपिंग

demo pic - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित जब तक कार्ड ब्लॉक कराता तब तक हैकर्स ने उनके खाते से 1.19 लाख रुपये की खरीददारी कर डाली। यही नहीं, हैकर्स ने उनके पेटीएम वॉलेट से 1500 रुपये रोहित सिंह नाम के युवक को ट्रांसफर किए।

जबकि क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर उन्हें 17 अप्रैल को कुरिअर के जरिए मिला। पीड़ित ने बैंककर्मियों पर हैकर्स से साठगांठ का आरोप लगाया है।

शॉपिंग से पहले हैक किया रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
पीड़ित ठेकेदार का कहना है कि जब कार्ड ब्लॉक करने के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने का प्रयास किया तो फोन ने काम करना बंद कर दिया।

उन्होंने आशंका जताई कि शॉपिंग से पहले हैकर्स ने घंटे तक मोबाइल नंबर हैक कर लिया था। काफी प्रयास के बाद उन्होंने फोन कर क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाया।
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बैंक के कर्मचारियों पर आरोप

मनोज ने बताया कि क्रेडिट कार्ड डिलीवरी के महज चौबीस घंटे के भीतर एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिवीजन कर्मियों के अलावा किसी को भी कार्ड की जानकारी नहीं थी।

क्रेडिट कार्ड के ऑफिशियल वेबसाइट पर 1599 रुपये का एंश्योरेंस फीचर न लेने के लिए आवेदन की जानकारी सिर्फ क्रेडिट कार्ड डिवीजन को ही थी। जिस नंबर से डेलीकॉलर का फोन आया वो नंबर दिल्ली का था।

जो अथर सिंह के नाम से रजिस्टर्ड है। बिना पासवर्ड क्रेडिट कार्ड से खरीददारी डिवीजन के कर्मचारियों के बगैर नहीं हो सकता। जबकि पासवर्ड आने से पहले हैकर्स ने उनके क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर ली।
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