कृष्णानगर में कानपुर निवासी अजय शुक्ल ने सिक्योरिटी कंपनी के नाम से ऑफिस खोला और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई बेरोजगारों से 60 लाख रुपये ठग लिया। बेरोजगारों की शिकायत के बाद शनिवार शाम पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कानपुर रोड पर जिला सहकारी बैंक के सामने करीब दो साल पहले कानपुर के गोविंद नगर निवासी अजय शुक्ला ने किराये के मकान में सिक्योरिटी कंपनी का ऑफिस शुरू किया था। कंपनी की आड़ में अजय ने ठगी का धंधा शुरू कर दिया। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया।
सीतापुर निवासी एजेंट प्रेम चंद्र वर्मा के माध्यम से अजय ने बेरोजगारों से रकम जमा कराई। इसके बाद गायब हो गया। बेरोजगारों में से एक युवक से अजय ने करीब पांच लाख रुपये वसूले थे। नौकरी न मिलने पर बेरोजगार युवकों ने एजेंट पर दबाव बनाना शुरू किया तो वह भी ऑफिस बंद करके भाग निकला।
शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। शनिवार शाम आरोपी अजय को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि ठग ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लोगों को शिकार बनाया है। छानबीन में पता चला है कि प्रेम चंद्र वर्मा बेरोजगार युवकों को सिक्योरिटी कंपनी के ऑफिस लाता था।
यहां अजय बेरोजगारों को रेल विभाग में सेटिंग का झांसा देकर उनसे वसूली करता था। प्रेम चंद्र को प्रति युवक अजय से 50,000 रुपये कमीशन मिलता था। बेरोजगारों ने प्रेम चंद्र वर्मा को पकड़ा तो उसने भी पल्ला झाड़ दिया। बेरोजगार युवकों की शिकायत के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी ठग को दबोच लिया है।