एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी के मुताबिक राशिद नसीम व आसिफ नसीम मूलरूप से प्रयागराज के उत्तरांव के भूपतपुर गांव के रहने वाले है। उन्होंने अपना शहरी इलाके के करेली में जेटीबी नगर में आवास बना रखा है। राशिद व आसिफ दोनों ने 2009 से 2012 के बीच मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी स्पीक एशिया में बतौर एजेंट काम शुरू किया। कंपनी में ठगी की योजनाएं समझने केबाद दोनों ने नौकरी छोड़ दी। इसी बीच स्पीक एशिया कंपनी भी देश के हर कोने से अपना कार्यालय बंद करना शुरू कर दिया। शातिर दिमाग नसीम ने यहीं पर रहकर निवेशकों को ठगने की कला सीखी। इसके बाद वर्ष 2013 में उसने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हाउसिंग कंपनी नाम से कंपनी खोली। जिसका मुख्यालय विपुलखंड गोमतीनगर में बनाया। उसने अपने भाई आसिफ को कंपनी में पार्टनर बनाया था। दोनों ने मिलकर ठगी का काला कारोबार शुरू कर दिया।
होर्डिंग लगाने का देते थे किसान को 20 हजार
पूछताछ में आसिफ ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि कंपनी ने लखनऊ व आसपास के जिलों खुद की जमीन को सस्ते दाम पर प्लॉट का झांसा देकर ठगी का कारोबार शुरू किया। किसानों से उनकेखेत में अपनी कंपनी के प्रोजेक्ट के होर्डिंग लगाने केलिए संपर्क करते थे। इसके बदले में हर महीने किसान को 20 से 25 हजार रुपये दिये जाते थे। जहां होर्डिंग लगी होती थी उसे अपना साइट बताकर लोगों को दिखाना शुरू कर दिया। होर्डिंग में ले-आउट व प्लॉट के नक्शे बना रखे थे। जिससे ग्राहकों को आसानी से फंसा लेते थे।
कमीशन पर हर जिलों में तैनात किये थे एजेंट
एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक कंपनी ने प्रदेश के हर जिलों में अपना एजेंट बना रखा था। उनको हर ग्राहक पर मोटा कमीशन दिया जाता था। निवेश कराने के नाम पर इन एजेंटों के बदौलत राशिद व आसिफ नसीम ने सैकड़ों करोड़ रुपये जुटा लिये। शुरूआती दौर में निवेशकों को बताये गये शर्तों के आधार पर पूरी रकम देते थे। जिसके कारण भरोसा भी बढ़ाया। इसके बाद जब निवेशकों की संख्या बढ़ने लगी तो निवेश की गई रकम की मेच्योरिटी पूरी होने पर योजना बदलकर फिर से निवेश कराते थे।
12 साल में हजारों करोड़ ठग कर दुबई भागे
पुलिस के मुताबिक कंपनी ने दो सौ रुपये से एक हजार रुपये प्रति वर्गफीट के दाम से जमीन की बुकिंग शुरू की। इस योजना के तहत दो से 10 लाख रुपये के प्लॉट की स्कीम लॉन्च की। जिसकी बुकिंग के लिए 20 हजार से एक लाख रुपये लिये गये। वहीं 3000 से दो लाख रुपये तक की मासिक किस्त तय की गई। सस्ती जमीन का लालच देकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ लिया। महज 10 से 12 साल के अंदर इस कंपनी ने उत्तरप्रदेश ही भारत के कई बड़े शहरों में अपना कार्यालय खोलकर हजारों करोड़ रुपये हड़प लिये।
पूरे देश में 4000 से अधिक मुकदमें दर्ज
डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के मुताबिक शाइन सिटी कपंनी के खिलाफ पूरे देश में करीब 4000 मुकदमें दर्ज किये गये हैं। इसमे सबसे अधिक गोमतीनगर थाने में 374 मुकदमे शामिल है। इन मुकदमों की विवेचना कुछ दिन पहले शासन ने आर्थिक अपराध शाखा को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद कंपनी के कई बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी होने लगी। वहीं कमिश्नरेट लखनऊ ने शाइन सिटी के मालिक राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। जिसे प्रदेश सरकार ने बढ़ाकर 5-5 लाख रुपये कर दिया।
अब तक 47 गये जेल
पुलिस के मुताबिक शाइन सिटी इंफ्रा ग्रुप से जुड़े ठगी के मुकदमों में पिछले डेढ़ महीने में ताबड़तोड़ गिरफ्तारी हुई। इस मामले में अब तक 47 अधिकारियों व कर्मचारियों को गिरफ़्तार किया गया है। इसमें आसिफ नसीम भी शामिल है। वहीं कंपनी का मालिक 5 लाख का इनामी राशिद नसीम और इसके एक-एक लाख के पांच इनामी सहित 10 लोगों की गिरफ्तारी होनी बाकी है। राशिद की गिरफ्तारी के लिए ईओडब्ल्यू ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।