दो महिलाओं ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई है कि गैस एजेंसी से ज्यादा कमाई का सपना दिखाकर आदित्य फ्यूल्स ने उनके लाखों रूपये हड़प लिए।
इंदिरानगर व बाजारखाला की महिलाओं का आरोप है कि कंपनी के संचालकों ने गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर उनकी रकम हड़प ली।
आदित्य फ्यूल्स लिमिटेड कंपनी का ऑफिस डालीबाग के अनुज अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 301 में है।
कंपनी ने बीते वर्ष फरवरी में अखबारों में गैस एजेंसी दिलाने का विज्ञापन प्रकाशित कराया था।
जिसे देखकर बाजारखाला में रहने वाले सेवायोजन कार्यालय के कर्मचारी गोविंद प्रसाद की पत्नी शांति देवी और इंदिरानगर निवासी शेयर कारोबारी नरेंद्र देव श्रीवास्तव की पत्नी कुसुम ने कंपनी के ऑफिस में संपर्क किया।
नरेंद्र के अनुसार कंपनी के ऑफिस में एमडी वीके शुक्ला, रीजनल मैनेजर डॉ. बीबी सिंह व डिवीजनल मैनेजर देवेश मिश्रा ने बताया कि एजेंसी लेने वालों को 15 किलो का सिलेंडर 450 रुपये का दिया जाएगा, जिसे 500 रुपये में बेच सकते हैं।
कमाई के चक्कर में शांति और कुसुम एजेंसी लेने के लिए राजी हो गईं।
डॉ.बीबी सिंह ने दोनों से एक फॉर्म भरवाया। इसके बाद चेक व ड्राफ्ट के जरिए शांति ने 10,10,500 रुपये और कुसुम ने 5,71,500 रुपये जमा करा दिए।
कंपनी के अफसरों ने तीन महीने में एजेंसी देने का आश्वासन दिया। हालांकि, दस माह बीतने के बाद भी एजेंसी नहीं मिली।
महिलाओं ने रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो कंपनी की तरफ से चेक थमा दी जो बाउंस हो गई।
हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर के लिए तहरीर देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एसएसपी प्रवीण कुमार से गुहार लगाई।
एसएसपी के आदेश पर हजरतगंज पुलिस एफआईआर दर्ज कर छानबीन कर रही है।
और लोगों ने भी लगाए करोड़ों रुपये
आदित्य फ्यूल्स लिमिटेड कंपनी के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी संशय बना हुआ है। एमडी वीके शुक्ला का कहना है कि कंपनी का रजिस्ट्रेशन दिल्ली में है, जबकि नरेंद्र इसे गलत बता रहे हैं।
कंपनी ने इलाहाबाद, प्रतापगढ़, सीतापुर, आजमगढ़ और जौनपुर सहित अन्य कई जनपदों में भी गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर एक हजार से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए हैं।
धोखाधड़ी का खुलासा होने पर कई लोगों ने अपनी रकम वापस लेने के लिए कंपनी के ऑफिस में संपर्क किया है।