एक मामले में जो सच सामने आया है, उसे सुनकर तो कोई यकीन हीं नहीं करेगा कि घर के काम से बचने के लिए सौतन की हत्या करा दी।
रेमंड शोरूम के मैनेजर की दूसरी पत्नी नीतू राजपूत ने पहली पत्नी शोभा की हत्या कराई थी।
बहन के बेटों को वारदात का जिम्मा सौंपा और खुद शॉपिंग के बहाने घर से निकल गई। पुलिस के अनुसार साजिश में उसका पति भी शामिल है।
आशियाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच की मदद से बृहस्पतिवार को हत्याकांड का खुलासा कर पति-पत्नी को दबोच लिया।
नीतू की बहन का एक बेटा भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा फरार है।
एसएसपी प्रवीण कुमार के मुताबिक मंगलवार को आशियाना के सेक्टर-आई में रेमंड शोरुम के मैनेजर मनोज राजपूत की पत्नी शोभा (36) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।
भाई महावीर ने बहनोई मनोज और उसकी दूसरी पत्नी नीतू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की साथ ही सर्विलांस सेल की मदद से वारदात के दौरान आसपास मौजूद फोन नंबर खंगालने शुरू किए।
इसमें एक नंबर नीतू की बहन के बेटे संजय कुमार (22) का निकला।
इस पर पुलिस ने मूलरूप से अमेठी व वर्तमान में पीजीआई क्षेत्र के हैवतमऊ मवैया में रह रहे संजय को तलाशना शुरू किया और अंबेडकर विश्वविद्यालय के पास से दबोच लिया।
जबकि, संजय का भाई संदीप (22) मौके से भाग निकला। पूछताछ में संजय ने बताया कि अक्सर नीतू मौसी के घर जाता था।
मौसा की पहली पत्नी शोभा के बीमार रहने के चलते सारा काम नीतू मौसी को ही करना पड़ता, इससे वह परेशान रहती थीं।
इसे लेकर अक्सर घर में झगड़ा होता और मौसी रोकर अपनी समस्याएं बतातीं।
आजिज आकर उन्होंने शोभा को रास्ते से हटाने इरादा बनाया और मौसा को भी तैयार कर लिया। इसके बाद साजिश रची और दोनों भाइयों को भी शामिल कर लिया।
साजिश के तहत मनोज ने पहली पत्नी के बेटे सुधांशु को अपनी बहन शशि के घर छोड़ दिया।
नीतू भी ननद के साथ शॉपिंग करने आलमबाग चली गई, जबकि अपने शोरूम पर रहा। मौका पाकर संजय और संदीप ने शाम करीब चार-पांच बजे चाकू से गला रेतकर शोभा की हत्या कर दी और चाकू कमरे में ही छिपाकर भाग निकले।
दो घंटे शोरूम से गायब रहा मनोज
एसएसपी के अनुसार हत्या के दिन मनोज दोपहर के समय शोरूम से दो घंटे गायब रहा था। सीसीटीवी फुटेज में इसकी पुष्टि भी हुई।
हालांकि छानबीन में पता चला कि शोरूम के मालिक ने एक कर्मचारी के साथ उसे हजरतगंज भेजा था।
चूंकि मनोज को वारदात की जानकारी थी। इसलिए उसे साजिश रचने का मुलजिम बनाया गया है।