आरपीएफ के दरोगा अनिल कुमार पांडेय समेत दो लोगों पर नौकरी का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए पारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि दरोगा पर आरडीएसओ के दीपनगर निवासी कमलाकांत मिश्र ने अपनी बेटी को स्कूल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने का आरोप है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पीड़ित कमलाकांत मिश्र ने बताया कि अनिल कुमार पांडेय उनका पड़ोसी है और वर्तमान में गोरखपुर में तैनात है। वर्ष 2015 में जगजीवनराम आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर में तैनाती के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद से दरोगा अक्सर कमलाकांत मिश्र के घर आने-जाने लगा।
एक दिन उसने कमलाकांत से प्रदेश के मॉडल स्कूल में लिपिक के पद पर नियुक्तियों के बारे में चर्चा की। दरोगा का कहना था कि उसके मित्र अक्षयवर नाथ तिवारी के रिश्तेदार शिक्षा निदेशक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने ही बेटी को मऊ में शिक्षिका की नौकरी दिलवाई है और वह किसी को भी स्कूल में नौकरी दिलवा सकते हैं।
दरोगा की बातों में आकर कमलाकांत भी अपनी बेटी की नौकरी के लिए तैयार हो गए। दरोगा ने छह लाख रुपये में नौकरी दिलाने का वादा किया। कमलाकांत मिश्रा ने 12 मई 2015 को दो लाख रुपये नकद दिए।
इसके बाद चेक व नकद रूप में कुल छह लाख रुपया दरोगा को दिया लेकिन नौकरी नहीं मिली। रुपया वापस मांगने पर दरोगा अनिल कुमार पांडेय व अक्षयवर नाथ तिवारी बहाने बनाकर टालते रहे। पीड़ित ने केस दर्ज करा दिया है।