बुजुर्ग बाबूलाल की हत्या तीन बीघा जमीन के लिए उसी के बेटे ने कराई थी। उन्नाव के एक अपराधी को 35 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी।
सर्विलांस सेल व निगोहां पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को नगराम में हुई इस वारदात का खुलासा करते हुए बेटे समेत चार को गिरफ्तार किया है।
सर्विलांस सेल प्रभारी इंस्पेक्टर विकास पांडेय के मुताबिक तहकीकात में मिले पुख्ता सुबूतों के आधार पर समेसी से रमाकांत,रामहर्ष,अंबरीश व बबलू उर्फ ज्ञान प्रकाश को दबोचा गया।
रमाकांत मृतक बाबूलाल का बेटा है। जबकि,रामहर्ष और अंबरीश समेसी गांव के ही रहने वाले हैं।
हत्या का मास्टर माइंड बबलू उर्फ ज्ञान प्रकाश उन्नाव के असोहा सरवन का रहने वाला है। बबलू समेसी में चाट का ठेला लगाता है।
जबकि, अंबरीश समेसी स्थित राज नारायन इंटर कॉलेज का ग्यारहवीं का छात्र है। पूछताछ में रमाकांत ने बताया कि बड़े भाई चंद्रशेखर की मौत हो चुकी है।
पिता बाबूलाल के नाम तीन बीघा जमीन थी,जिसे वह चंद्रशेखर के बेटे इंद्रकुमार के नाम करना चाहते थे। काफी कोशिश के बावजूद उसे जमीन में हिस्सा देने को तैयार नहीं थे।
दबाव डालने पर पूरी तरह बेदखल करने की धमकी देने लगे। कोई रास्ता न देख आखिरकार उसने हत्या की साजिश रची।
इसके लिए समेसी में चाट का ठेला लगाने वाले बबलू से संपर्क किया। 35 हजार रुपये के बदले बबलू हत्या के लिए तैयार हो गया।
बबलू ने समेसी के रामहर्ष व अंबरीश के साथ मिलकर 12 अक्टूबर 2013 को नगराम के पजावा मजरा समेसी गांव में पोते इंद्रकुमार के साथ सो रहे बुजुर्ग बाबूलाल की गला घोंटकर हत्या कर दी।
पोते ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में शुरुआत से ही पुलिस के शक की सुई रमाकांत पर ही अटकी।
मगर, पुख्ता सबूत न होने के चलते पुलिस हाथ नहीं डाल पा रही थी। इसके बाद हत्या की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
बावजूद इसके सुराग न मिलने पर एक फिर मामला नगराम पुलिस के पास आ गया। इसके बाद सर्विलांस सेल की मदद से सुबूत जुटाकर रमाकांत को पकड़ा गया।
पूछताछ में मिली जानकारी के बाद बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।