गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा में बिजली कर्मियों ने विभागी राजस्व की 6.46 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि डकार गए। गाजियाबाद के एक वितरण खंड में 5,64,17,070 रुपये तथा ग्रेटर नोएडा में 82,21,974 रुपये राजस्व के गबन का मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं से वसूली गई यह राशि बैंक में जमा कराने के बजाय कर्मचारी खुद समेट ले गए। मामले में फिलहाल कैशियर व लेखाकार पर ही कार्रवाई शुरू हुई है।
हैरत की बात यह है कि गाजियाबाद में गबन की गई 5.64 करोड़ रुपये की राशि विविध अग्रिम के रूप में डाल दी गई है, जिसकी वसूली के दूर-दूर तक आसार नहीं है। पावर कॉर्पोरेशन के सूत्रों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि के गबन में अभियंताओं की भूमिका को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं बड़े अधिकारी खुद को बचाने के लिए नीचे के कर्मचारियों पर कार्रवाई करके मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं, कई अन्य निगमों में भी इस तरह के घपले की आशंका जताई जा रही है।
एमडी से रिपोर्ट तलब
उप्र पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज का कहना है कि गबन का मामला संज्ञान में आया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी से रिपोर्ट मांगी गई है। इसकी भी जांच कराई जाएगी कि पूरे मामले में कौन-कौन शामिल हैं। कॉर्पोरेशन को राजस्व की क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।