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मुख्तार की एंबुलेंस मामले में अलका राय व उनका सहयोगी गिरफ्तार, पूछताछ में बताया...

Tue, 20 Apr 2021 08:00 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
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- फोटो : अमर उजाला
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माफिया डॉन व बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब में कोर्ट ले जानी वाली एंबुलेंस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मऊ जिले की डॉ अलका राय व उसके एक सहयोगी को पुलिस ने मऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस एंबुलेंस का पंजीयन बाराबंकी एआरटीओ में फर्जी दस्तावेजों से कराया गया था। 

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आरोप है कि मऊ जिले के श्याम संजीवनी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर की संचालिका डा. अलका राय व उनके सहयोगी डा. शेषनाथ राय, मुजाहिद, राजनाथ यादव व अन्य आरोपितों ने मुख्तार अंसारी के कहने पर एंबुलेंस का पंजीकरण यहां कराया था। यह बातें पुलिस द्वारा गिरफ्त में आने के बाद पूछताछ में डॉ अलका राय और उसके सहयोगी ने बताई है। 

पुलिस ने दोनों आरोपी मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उनको जेल भेजा गया है। जबकि इस मामले में एक आरोपी राजनाथ यादव पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश में जुटी है।
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एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि बाराबंकी में फेक आइडी बनाकर मऊ जिले के श्याम संजीवनी अस्पताल के नाम से डॉ अलका राय और उनके सहयोगियों ने एंबुलेंस खरीदकर रजिस्टर्ड कराया था। शेषनाथ एम्बुलेंस खरीद में जमानतदार थे। दोनों की गिरफ्तारी पुलिस ने सोमवार को कर मंगलवार को उनको कोर्ट में पेश किया गया है। 

एसपी ने बताया कि डॉ अलका राय ने अपने बयान में बताया है कि मुख्तार के कहने पर वर्ष 2013 में फेक आइडी के सहारे एंबुलेंस खरीदा था। जोकि मुख्तार के निजी कार्य में प्रयोग होती थी। पुलिस इस मामले में अन्य फरार साथियों की तलाश हो रही है।

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मामले की जांच में लगी थी पुलिस की तीन टीम

शहर कोतवाली में एंबुलेंस यूपी 41 एटी 7171 का पंजीकरण कूटरचित दस्तावेज एवं बिना वैध प्रमाण-पत्र के संचालन करने के संबंध में दो अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गा था। इस मामले में जांच के लिए एसपी यमुना प्रसाद ने तीन टीमें गठित की थी। एक टीम विवेचक इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला मऊ भेजी गई थी। दूसरी टीम सीओ हैदरगढ़ नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में पंजाब गई थी। संपूर्ण विवेचना की निष्पक्ष जांच एवं पर्यवेक्षण के लिए एक एसआइटी का भी गठन किया गया था। 

मऊ गई टीम को श्याम संजीवनी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर की डा. अलका राय, उनके सहयोगी डा. शेषनाथ राय, मुख्तार अंसारी, मुजाहिद विधायक प्रतिनिधि, राजनाथ यादव व अन्य का नाम इस आपराधिक षड्यंत्र में आया था। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बाराबंकी में मुख्तार अंसारी के लिए एंबुलेंस खरीदी गई थी। इन्होंने दबाव बनाकर प्रपत्रों पर हस्ताक्षर कराया और आपराधिक षड्यंत्र कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी करते हुए वाहन का खरीदा था। सीओ के नेतृत्व वाली टीम ने पंजाब से रूपनगर-ऊना हाईवे पर ढाबे के पास एंबुलेंस लावारिस हालत में बरामद किया था जिसके बाद एंबुलेंस बाराबंकी लाई गई थी।

इस मामले में पुलिस द्वारा ग्राम अहिरौली थाना सराय लखंसी, मऊ के राजनाथ यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं अब डॉ अलका राय व शेषनाथ राय को पकड़कर जेल भेजा है। जबकि अब विधायक मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधि मुजाहिद की तलाश में पुलिस जुटी हैं। पुलिस टीम ने न सिर्फ वहां मुजाहिद के परिजन से पूछताछ की बल्कि उसके संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही है। हालांकि, अभी पुलिस को मुजाहिद का पता नहीं मिल सका है।

पंजाब में पेशी पर आने पर चर्चा में आई थी एंबुलेंस
माफिया डॉन व बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब में कोर्ट में पेशी पर ले जाने बाद एंबुलेंस चर्चा में आई थी। इसके बाद शुरू हुई जांच में पता चला था कि यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत कराई गई थी। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने मऊ की अस्पताल संचालिका डा. अलका राय को नामजद किया था। बाद में उनसे पूछताछ के बाद मुख्तार अंसारी समेत पांच लोगों को भी प्रकरण में सह अभियुक्त बनाया गया था जिसके तहत पुलिस अब कार्रवाई में जुटी है।
 
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