पांच लाख रुपये न मिलने पर एक कॉन्स्ट्रक्शन कंपनी के इंजीनियर ने शादी तोड़ दी। कोई उम्मीद न देख युवती के पिता ने बुधवार को हजरतगंज के महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
कानपुर में कल्यानपुर थाने क्षेत्र के रहने वाली युवती की शादी वजीरगंज के हाता पन्नालाल के देवरही मोहल्ला निवासी राधेश्याम पांडेय के बेटे धर्मेंद्र से तय हुई थी।
20 नवंबर को सगाई और 12 दिसंबर को शादी होनी थी। पीड़ित पिता के अनुसार शादी में 12 लाख 50 हजार रुपये की डिमांड रखी गई थी। तय शर्तों के अनुसार उन्होंने छोटी बेटी के अकाउंट से एक लाख का चेक पहले ही दे दिया था।
सगाई से पहले 4.50 लाख रुपये और बाकी सात लाख शादी से पहले देने की बात तय हुई। आरोप है कि सगाई से पहले रुपये न मिलने पर धर्मेंद्र ने फोन कर रिश्ता तोड़ दिया। शादी टूटने से पूरा परिवार सदमे में है।
पिता के अनुसार तैयारियों में उनके लाखों रुपये खर्च हो गए। काफी मनुहार के बाद भी लड़के वालों के न मानने पर हजरतगंज के महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसओ शिवा शुक्ला के मुताबिक जांच की जा रही है। आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
बैंक में मैनेजर थी युवती
मध्यम परिवार से ताल्लुक रखने वाली युवती पढ़ाई पूरी करने के बाद ही घर के खर्चे में पिता का हाथ बंटाने लगी थी।
एक निजी बैंक में बतौर मैनेजर काम करते हुए उसने दो छोटे भाइयों को पढ़ा-लिखाकर इंजीनियर बनाया।
दोनों के पैरों पर खड़े होने के बाद नौकरी छोड़कर घर की जिम्मेदारी संभालने लगी। इस बीच शादी तय हुई। लेकिन चंद रुपयों के लालच ने पूरे परिवार को सदमे में ढकेल दिया।