फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लचर पुलिसिंग: पूरब हो या पश्चिम... हर जोन में पुलिस के इकबाल को चोरों ने दी चुनौती

Thu, 02 Jun 2022 06:52 PM IST
ishwar ashish आयुष्मान पांडेय, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ में लचर पुलिसिंग के चलते चोर फिर बेखौफ हो गए हैं। शहर में एक जनवरी से 15 मई तक चोरी के 972 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि पुलिस के सुविधाओं से लैस होने के बावजूद चोर डरे नहीं हैं।
विज्ञापन
- फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केस-1: बंद मकान से नकदी व जेवरात उड़ाए

विज्ञापन

आशियाना के सेक्टर एल निवासी राजीव कुमार सिंह परिवार संग 11 मई को अपने गांव हरदोई गए थे। लौटे तो देखा कि घर का ताला टूटा पड़ा था। चोरों ने उनके घर से जेवरात समेत नकदी पार कर दी।

केस-2: शटर काटकर जेवरात ले उड़े
सरोजनीनगर के गंगानगर में प्रतीक ज्वैलर्स की दुकान का 24 मई को 8 से 10 चोरों ने शटर काट दिया। दुकानदार राजेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया था 800 ग्राम सोना व 8 किलो चांदी चोर ले उड़े।
विज्ञापन


केस-3: जेवरात व नकदी पर किया हाथ साफ
गाजीपुर के लवकुश नगर निवासी सूकिया बानो के घर से चोरों ने अलमारी का ताला तोड़कर जेवरात व 50 हजार की नकदी पार कर दी थी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।

राजधानी लखनऊ में लचर पुलिसिंग के चलते चोर फिर बेखौफ हो गए हैं। इसकी गवाही दे रहे हैं चोरी की वारदातों के आंकड़े। एक जनवरी से अब तक पांचों जोन में 972 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हुए हैं। इनमें शहर के पॉश इलाके (पूर्वी जोन) में सबसे ज्यादा 285 चोरी की वारदातें हुई हैं तो उत्तरी जोन दूसरे नंबर पर है। यह स्थिति तब है जब पूर्वी जोन में सुरक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इनमें पॉलीगॉन पुलिसिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सुविधाएं हैं, फिर भी चोर बेखौफ हैं।

शहर में क्राइम कम करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई है। शुरुआती दिनों में लॉकडाउन होने के कारण क्राइम पर लगाम लगी और वारदातों का ग्राफ नीचे आने लगा। इससे पुलिस की प्रशंसा हुई। धीरे-धीरे कोरोना का असर कम हुआ तो क्राइम का ग्राफ ऊपर होने लगा। एक जनवरी से 15 मई तक 972 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हुए हैं।

पूर्वी जोन में 285, उत्तरी में 252, पश्चिमी जोन में 170, दक्षिणी जोन में 137 व मध्य जोन में 128 चोरी की वारदातें हुई हैं। इन आंकड़ों में बंद मकान, दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन समेत सभी चोरी के मामले हैं। इस दौरान पुलिस ने चोरी के मामलों का पर्दाफाश किया है लेकिन वारदातों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।

Trending Videos
विज्ञापन

बढ़ती चोरी के मामलों पर पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर से तीन सवाल

सवाल : नकबजनी की वारदातें रोकने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब :
पांच से दस सालों की वारदातों का रिकॉर्ड निकालकर इलाके चिह्नित किए गए हैं। साथ ही पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। इससे मामलों में कमी आएगी।

सवाल : वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब :
वाहन चोरी रोकने के लिए पार्किंग व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। मसलन केजीएमयू, लोहिया समेत अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए कहा जा रहा है। इससे वारदातों पर लगाम लगाने के साथ आरोपी को पकड़ने में आसानी होगी।

सवाल : पुरानी वारदातों में क्या किया जा रहा है?
जवाब :
पुरानी वारदातों में शामिल गैंगों को पकड़ा जा रहा है। जहां आरोपी नहीं पकड़े गए हैं, वहां टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें