अमीनाबाद से हजारों लोगों की रकम जमा कराने वाला चिटफंड कंपनी का संचालक रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया।
शुक्रवार को कंपनी को दो ड्रा निकालने थे। निवेशक एकत्र हुए लेकिन कंपनी के ऑफिस पर ताला मिला। संचालक को फोन किया तो सभी नंबर स्विच ऑफ मिले।
परेशान निवेशकों ने परिवारीजनों से पूछताछ की तो बताया गया कि एक सप्ताह पहले ससुराल जाने की बात कहकर निकला था।
फिलहाल पुलिस से शिकायत करने के बजाए निवेशक उसके आने की उम्मीद संजोए बैठे हैं। गाढ़ा भंडार के पीछे राजेंद्रनगर निवासी विष्णु अग्रवाल और अजय अग्रवाल का कॉम्प्लेक्स है।
भूतल पर अजय का साड़ी का काम है जबकि पहली मंजिल पर विष्णु की गणपति ट्रेडर्स के नाम से चिटफंड कंपनी का ऑफिस है।
विष्णु ने मार्केट के दुकानदारों से लेबरों तक के लिए 100 रुपये से 6500 रुपये प्रतिमाह की कई स्कीमें चला रखी हैं।
कॉम्प्लेक्स के हाल में हर हफ्ते दो स्कीमों के ड्रा निकाले जाते हैं।
ड्रा में निवेशकों के पैसों से ही खरीदी गई बाइक, फ्रिज, टीवी व अन्य घरेलू सामान की पर्ची निकाली जाती है, जिसके नाम की पर्ची होती है, वह सामान उसे दे दिया जाता है। शुक्रवार को भी दो ड्रा निकलने थे।
टीवी कलाकार व सआतदगंज निवासी शेखर श्रीवास्तव, अमीनाबाद के साड़ी कारोबारी अमित डालमिया, सुशील, मालती, बबलू, गफ्फार सहित तमाम निवेशक ड्रा के लिए पहुंचे तो हाल और कंपनी के ऑफिस में ताला लटका मिला।
निवेशकों ने विष्णु का फोन मिलाया तो वह भी स्विच ऑफ निकला।
परेशान निवेशकों ने विष्णु के भाई अजय से संपर्क किया। अजय ने बताया कि वह एक सप्ताह पहले पत्नी रेखा के साथ बाराबंकी के रुदौली स्थित ससुराल जाने की बात कहकर घर से निकला था।
परिवारीजनों ने जब विष्णु के ससुराल वालों को फोन किया तो बताया गया कि वह मंगलवार को ही लौट गया। विष्णु कहां हैं? परिवारवालों ने इसकी जानकारी से इन्कार कर दिया।
वह यहां पत्नी के साथ ही रहता है। विष्णु के गायब होने से निवेशक घबराए हुए हैं। हालांकि, अभी तक किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की है।
शेखर और अमित का कहना है कि कंपनी संचालक के लौटने का इंतजार किया जा रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि विष्णु लगातार स्कीमें चलाता था। उसने करीब 5,000 लोगों से एक से डेढ़ साल तक की अवधि के लिए 30 से 40 लाख रुपया जमा कराया था।
विष्णु ने पिछले ड्रा में भी कई लोगों को पैसा नहीं दिया था। उस वक्त रुपया न देने पर निवेशकों ने सवाल किया तो विष्णु ने 26 अप्रैल को चेक से पैसा देने की बात कही थी।