सूत्रों की मानें तो युवती को राजधानी के एक रसूखदार बिल्डर, व्यापारी ने बुलाया था। उसी के इशारे पर वह हजरतगंज के बड़े होटल में ठहरी थी। इस बिल्डर की राजनीतिक दलों में मजबूत पकड़ है, जिससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं। एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक युवती का मार्च से जून तक का वीजा वैध है। राजस्थान के बाद वह रकाबगंज निवासी गाइड सलमान के सहयोग से लखनऊ पहुंची थी। पुलिस ने युवती को अस्पताल में भर्ती कराने आए सलमान के साथ अंतिम संस्कार करवाया। आबिदी के मुताबिक, सलमान से पता चला कि युवती यहां घूमने आई थी। वह उसका स्थानीय गाइड था, लेकिन लॉकडाउन से वह कहीं जा नहीं पाई।
दोस्त के कहने पर की थी मदद
जानकारी के मुताबिक तबीयत खराब होने पर युवती ने रायपुर में परिचित राकेश शर्मा से मदद मांगी। इस पर उसने अपने दोस्त सलमान को फोन किया। सलमान के मुताबिक उसने थाईलैंड दूतावास को जानकारी दी। अधिकारियों ने युवती को वापस ले जाने की बात की, लेकिन ऑक्सीजन लेवल कम हो जाने से ऐसा नहीं किया जा सका। इसके बाद तीन मई को युवती ने दम तोड़ दिया। थाईलैंड एंबेसी ने लखनऊ प्रशासन से युवती का मृत्यु प्रमाणपत्र भी मांगा है।
- थाईलैंड की युवती का राजस्थान और लखनऊ से क्या है कनेक्शन?
- हजरतगंज के होटल में आखिर किसने कमरा बुक करवाया था?
- विदेशी के शहर में आने पर खुफिया विभाग कैसे अंजान बना रहा?
- बिल्डर ने के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से क्यों बच रही है?
- युवती के स्थानीय गाइड को क्यों नहीं लिया गया हिरासत में?