एक फरेबी ने फौजी की बेटी को प्रेमजाल में फंसाया। शादी का झांसा देकर 17 लाख रुपये ऐंठ लिए। इस रकम से अपनी बहन का घर बसाने के साथ अपना व्यापार जमाया।
इसके बाद शादी से मुकर गया। युवती ने पुलिस व महिला आयोग में शिकायत की। इसकी भनक लगने पर फरेबी ने उसे समझौते के बहाने पार्क में बुलाकर दुष्कर्म किया, फिर धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसओ गोमतीनगर उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि एडवरटाइजिंग कंपनी चलाने वाले दीपक त्रिपाठी उर्फ दीपू ने मड़ियांव क्षेत्र की एक युवती को पुराने विवाद में समझौते के बहाने शुक्रवार शाम राम मनोहर लोहिया पार्क बुलाया।
वहां सूनसान स्थान पर ले जाकर उससे दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पीड़ित युवती ने शनिवार शाम थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
युवती का कहना है कि वर्ष 2007 में एक निजी बैंक में नौकरी के दौरान रायबरेली के गुरुबख्शगंज के गांव कृष्णपुर निवासी सहकर्मी दीपक उर्फ दीपू त्रिपाठी से उसकी दोस्ती हुई। दीपू ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया और मंदिर में ले जाकर मांग भरी।
युवक ने पारिवारिक दिक्कतों से निपटने के बाद धूमधाम से शादी का वादा किया। युवती अपने परिवार की नजरें बचाकर दिन में प्रेमी के साथ पत्नी की तरह रहती। आरोप है कि दीपू ने मोबाइल से उसकी क्लिप बनाई और अश्लील फोटो खींच डाले।
इस दौरान युवक ने मालूम कर लिया कि युवती के दहेज के लिए उसके फौजी पिता ने बड़ी रकम जमा कर रखी है और युवती के नाम भी एफडी हैं। इसके बाद दीपू ने अपनी बहन की शादी के बहाने युवती से मोटी रकम ऐंठी।
बहन का घर बसाने के बाद उसने खुद के कारोबार के बहाने रकम मांगी। युवती ने एफडी तुड़वा कर रकम दे दी। कारोबार शुरू करने के कुछ दिनों बाद दीपू ने अपने अपहरण का ड्रामा रचा और कथित अपहरणकर्ताओं से युवती की फोन पर बात कराकर फिरौती की रकम ऐंठी।
पांच साल में 17 लाख से अधिक रुपये ऐंठने के बाद दूरी बनाने लगा और दूसरी युवती से शादी करने की तैयारी करने लगा। इस पर युवती ने एसएसपी के शिकायत प्रकोष्ठ में गुहार लगाई और महिला आयोग में शिकायत की। इसकी भनक पर उसने समझौते के लिए युवती को बुलाया था।