चर्चित लोगों के फोटो की चेहरा पहचानो प्रतियोगिता का विज्ञापन छपवाकर ठगी करने वाले गिरोह ने राजाजीपुरम की एक महिला को इनाम का झांसा देकर 1.10 लाख रुपये ठग लिए।
खाते में रकम पहुंचने के बाद जालसाजों ने 20 हजार और मांगे। महिला ने रकम वापस मांगी तो फोन पर धमकाने लगे। ठगी के सात महीने बाद एसएसपी के आदेश पर बाजार खाला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
एसएसपी ऑफिस के शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी अतुल अग्निहोत्री ने बताया कि राजाजीपुरम के ई-ब्लॉक निवासी संध्या मिश्रा ने 29 दिसंबर को अखबार में ‘केबीसी चेहरा पहचानो’ प्रतियोगिता का इश्तहार पढ उन्होंने छपा नंबर डॉयल कर जवाब दिया।
अगले दिन उसके नंबर पर कॉल आई। बताया गया कि वह प्रथम पुरस्कार के रूप में टाटा सफारी जीत गई है। इसके साथ पूछा गया कि गाड़ी लेना चाहेंगी या उसकी कीमत की रकम लेंगी।
संध्या ने फोन करने वाले व्यक्ति से कहा कि वह गाड़ी के बजाय रुपये लेना चाहती हैं। इसके साथ उन्होंने कॉल करने वाले व्यक्ति को अपना बैंक अकाउंट नंबर नोट करा दिया। इसके साथ फोन डिस्कनेक्ट हो गया।
एक घंटे बाद फिर कॉल आई। बताया गया कि इतनी मोटी रकम उनके खाते में स्थानांतरित करने के लिए 1.10 लाख रुपये टैक्स जमा करना पड़ेगा। झांसे में आई संध्या ने रकम जमा करने के लिए हामी भर दी।
लेकिन एकमुश्त व्यवस्था न होने पर किश्तों में जमा करने की बात कही। इस पर उन्हें बिहार के राजेंद्रनगर के गांव नवाद निवासी संदीप कुमार व चंदन कुमार के बैंक अकाउंट नोट करा दिए गए।
संध्या मिश्रा का कहना है कि उन्होंने कई किश्तों में 1.10 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद फिर कॉल आई।
बताया गया कि इतनी बड़ी रकम उनके खाते में पहली बार स्थानांतरित की जा रही है। इसलिए 20 हजार और जमा करने होंगे।
किसी तरह 1.10 लाख जमाकर चुकी संध्या ने और रकम जमा करने में असमर्थता जताते हुए रकम लौटाने को कहा।
इस पर जालसाजों ने उन्हें एक महीने बाद रकम खाते में पहुंचने का आश्वासन देकर फोन काट दिया।
महीना भर बाद भी 1.10 लाख रुपये खाते में वापस न आने पर संध्या ने कॉल की तो जालसाज ने रुपये लौटाने के इन्कार के साथ धमकी देकर फोन काट दिया।
ठगी का शिकार बनी संध्या ने थाने व पुलिस के अन्य अधिकारियों से शिकायत की। कोई नतीजा न निकलने पर उन्होंने एसएसपी के शिकायत प्रकोष्ठ में अर्जी दी थी।
एसएसपी के आदेश पर शुक्रवार को बाजार खाला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है।