अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहे अंबेडकरनगर टांडा के हिंदू युवा वाहिनी के जिला संयोजक रामबाबू गुप्त के बेटे शुभम ने हिम्मत नहीं हारी है।
गले में जख्म के चलते बोलने में असमर्थ शुभम ने कागज पर लिखकर पूरी वारदात की जानकारी दी।
हालत गंभीर होने के बावजूद कांपते हाथों से लिखा कि दो पल्सर बाइक पर चार लोग आए थे। उधर वारदात के 36 घंटे बाद भी पुलिस हमले की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल में शुभम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सीओ विद्या सागर मिश्र के मुताबिक शुक्रवार रात गोमतीनगर के मिठाई वाला तिराहे पर दो पल्सर सवार हमलावरों ने शुभम पर जानलेवा हमला किया था।
शुभम के पिता हिंदु युवा वाहिनी के अंबेडकरनगर टांडा के जिला संयोजक रामबाबू गुप्त की पहले ही हत्या की जा चुकी है।
उधर गंभीर हालत में शुभम को ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराने के साथ ही पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पहले पूरे मामले को पुलिस संदिग्ध बताती रही।
कारण शुभम ने खुद राममनोहर लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों को डिवाइडर से बाइक टकराने के चलते चोटिल होने की जानकारी दी थी।
ईएमओ डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि उसके गले में चोट लगी थी। अस्पताल में ईएनटी विभाग नहीं है इसलिए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती शुभम जिंदगी-मौत से लड़ रहा है।
इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि गले के जख्म काफी गहरे हैं। इसके चलते वह बोल नहीं पा रहा है।
बावजूद इसके उसने हिम्मत नहीं हारा है। भीगी पलकों से भाई शिवम व चाचा वेद प्रकाश गुप्त को एक टक निहारता रहा। इसके बाद कागज व पेन मांगा। हालांकि महज डेढ़ लाइन ही लिख सका।
इसमें बताया कि दो पल्सर से आए चार व्यक्तियों ने हमला किया था। साथ ही कहा कि भइया उन्हें किसी कीमत पर छोड़ना नहीं।
हमले की संभावना को देखते हुए पुलिस ने ट्रॉमा में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। एसओ विभूतिखंड ने वारदात की छानबीन शुरू कर दी है। इसके लिए सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है।