नाका पुलिस ने बृहस्पतिवार को तीस साल से आर्म्स एक्ट के एक मामले में फरार चल रहे बदमाश मुन्ना भुजाली (55) को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है।
मुन्ना बाजारखाला के मोती झील में फेब्रीकेटर्स की दुकान चला रहा था। कोर्ट ने उसके खिलाफ कुर्की का आदेश भी जारी कर रखा था। मगर,सही पता न मालूम होने के चलते पुलिस उसकी तलाश में भटक रही थी।
इंस्पेक्टर नाका विजय प्रकाश सिंह के मुताबिक,बाजारखाला के मोतीझील कॉलोनी निवासी मुन्ना भुजाली को पुलिस ने मारपीट के एक मामले में चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। आर्म्स एक्ट में उसे जेल भेजा गया।
जमानत पर छूटने के बाद कुछ दिन पेशी पर आया और फिर गायब हो गया। तीस साल से उसके खिलाफ वारंट जारी था। गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट ने कुर्की का भी आदेश दिया।
लेकिन घर का सही पता न होने के चलते पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। इस बीच पुलिस को मुन्ना के मोती झील में ही फेब्रीकेटर्स की दुकान चलाने की सूचना मिली।
इंस्पेक्टर नाका पुष्टि के लिए सादी वर्दी में घोड़े को नाल लगवाने के बहाने उसकी दुकान पर पहुंचे। पहचान के बाद बहाने से ऐशबाग बुलाकर धर दबोचा। उधर,गिरफ्तारी को लेकर मुन्ना का परिवार सकते में हैं।
एसआई की परीक्षा दे चुकी बेटी का कहना है कि पापा को साजिशन फर्जी मुकदमे में फंसाया गया था। वारंट या कुर्की का आदेश जारी होने की जानकारी तक नहीं थी। यदि ऐसा होता तो कोर्ट में पेश होकर जमानत कराई जाती।