तीस लाख की जालसाजी के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने हजरतगंज पुलिस की टीम के साथ सोमवार सुबह कालीदास चौराहे के पास बिजवा अपार्टमेंट के एक फ्लैट पर दस्तक दी।
आरोपी ने खुद को फ्लैट में बंद कर वकील बुला लिए। हंगामे के बीच सवालों की बौछार हुई तो पुलिस गिरफ्तारी वारंट नहीं दिखा पाई। छह घंटे चली खींचतान के बाद आरोपी को तलबी नोटिस थमा पुलिस टीम लौट गई।
बिजवा अपार्टमेंट निवासी महेश चंद्र श्रीवास्तव ने आंध्रप्रदेश के जुबली हिल्स हैदराबाद क्षेत्र में टी हरीश नामक बिल्डर को ठेका दिलाने का झांसा देकर 45 लाख रुपये लिए थे।
काम न होने पर 15 लाख रुपये लौटाए और बाकी 30 लाख का चेक दे दिया। खाते में लगाने पर 19 जनवरी को चेक बाउंस हो गया। रकम डूबती देख टी हरीश ने कोर्ट में अर्जी दी।
इस पर जुबली हिल्स हैदराबाद थाने की पुलिस ने 14 अप्रैल को महेश चंद्र श्रीवास्तव व उसकी पत्नी रविंदर कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया। एसआई साई मुलू गौड टीम के साथ तीन दिन पहले लखनऊ पहुंचे।
सर्विलांस सेल की मदद से महेश का लोकेशन ट्रेस किया और सोमवार सुबह 11 बजे हजरतगंज पुलिस को साथ लेकर उसके फ्लैट पर दस्तक दी।
महेश ने दरवाजा खोला। पुलिस को देख खुद को महेश का भाई बताते हुए बुलाने को कहा और दरवाजा बंद कर लिया। इसके साथ ही खुदकुशी की धमकी देने लगा। चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे देख पुलिस असमंजस में पड़ गई
इस बीच महेश ने अपने वकील को फोन कर दिया। कुछ ही देर में कई वकील मौके पर हपुंच गए। दरवाजा खुलवाने की कोशिश में जुटी पुलिस पर सवाल दागने लगे।
आंध्रप्रदेश पुलिस के गिरफ्तारी वारंट न दिखा पाने पर वकीलों का दबाव बढ़ने लगा। उन्होंने सात साल से कम की सजा के अपराध पर गिरफ्तारी न करने के आदेश का हवाला दिया।
असमंजस में फंसी आंध्रप्रदेश पुलिस ने मौके पर मौजूद हजरतगंज कोतवाली के एसएसआई व चौकी इंचार्ज की तरफ देखा। दोनों मोबाइल पर व्यस्त थे।
फ्लैट के भीतर से खुदकुशी की धमकी दे रहे महेश ने वकीलों की मध्यस्थता पर शाम पांच बजे दरवाजा खोला। इसके बाद आंध्रप्रदेश पुलिस ने 24 घंटे में एसएसपी ऑफिस में उपस्थित होने का नोटिस थमाया और लौट गई।