सर्राफ अमित अग्रवाल की पत्नी अंकिता और दो मासूम बच्चों को खाकी की लापरवाही लील गई। सर्राफा व्यापारियों ने तीनों की मौत का दाग चौक पुलिस पर लगाया है।
आक्रोशित व्यापारियों का कहना है कि अमित के गायब होने के बाद कई बार उसकी लोकेशन मिली। व्यापारियों ने खुद उसे ढूंढ़कर पुलिस को बताया। लेकिन पुलिस बरामद करने नहीं गई।
उधर,उड़ीसा में अंकिता के भाई अभिषेक और उसकी पत्नी श्रद्धा ने सोमवार रात वहां के एसपी से मिलकर अपने बयान दर्ज कराए।
चौक सर्राफा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि अमित की गुमशुदगी के प्रकरण में पुलिस शुरू से ही रुचि नहीं ले रही थी।
अगर पुलिस चाहती तो अंकिता और उसके दो मासूम बच्चों को मौत से बचाया जा सकता था। तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस की भूमिका ने व्यापारियों के इस दावे को और समर्थन दे दिया है।
हत्याकांड की खबर मिलने के बाद चौक पुलिस ने उड़ीसा जाने की जहमत नहीं उठाई। हालांकि ,विवेचना कर रहे चौक थाना के एसएसआई दिनेश सिंह का कहना है कि अमित की अंतिम लोकेशन इलाहाबाद में ही मिली थी।
इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। किसी व्यापारी ने अमित के बारे में कभी कोई जानकारी नहीं दी।
हिल गया रेडहिल स्कूल
अमित के बच्चे रेडहिल स्कूल में पढ़ते थे। उड़ीसा में दोनों मासूम की हत्या की खबर से सोमवार को स्कूल के स्टाफ और बच्चों में भी चर्चा होती रही।
अमित के रिश्तेदारों के मुताबिक वाणी रेडहिल स्कूल में कक्षा दो में पढ़ती थी जबकि दिव्यांश का एडमिशन इसी वर्ष हुआ था।
उड़ीसा में जोर-आजमाइश
उड़ीसा में अमित और अंकिता के परिवारवालों में जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। अंकिता का भाई अभिषेक अपने जीजा और उसके परिवार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
दूसरी तरफ अमित के पिता माधवराम एक स्थानीय भाजपा नेता को पैरवी के जरिए पुलिस पर एफआईआर न करने का दबाव बनाने में जुटे हैं।
यह भाजपा नेता आगरा में इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट चलाने वाले माधवराम के भाई का करीबी बताया जा रहा है।
देर रात तक अभिषेक से हुई बातचीत के मुताबिक एफआईआर नहीं हो सकी थी। अभिषेक की पत्नी श्रद्धा का कहना है कि अभी एसपी के सामने दोनों पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।