राज्यकर विभाग की एसटीएफ टीम ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के खेल में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह में शामिल प्रदेश के कुछ फर्मों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्यकर आयुक्त मिनिस्ती एस ने फर्जी आईटीसी लेने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड अयोध्या की फर्म आरएच इंटरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं इस खेल में शामिल अन्य फर्मों के भूमिका की जांच की जा रही है। जांच के बाद इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
राज्यकर आयुक्त के निर्देश पर विभागीय एसटीएफ के प्रभारी अपर आयुक्त अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम पिछले महीने यूपी-हरियाणा बार्डर पर टैक्स चोरी करने वाले माफिया के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें एसटीएफ ने 66 ट्रक पकड़ा था। ट्रकों से बरामद बिल व बिल्टी की जांच में पाया गया कि प्रदेश की कुछ फर्में गिरोह बनाकर संगठित रूप से टैक्स चोरी में लिप्त हैं।
अधिकारियों ने और जांच की तो पाया कि इस गिरोह का सरगना अयोध्या की आरएच इंटरप्राइजेज ने अकेले 17.33 करोड़ रुपये की बोगस बिक्री दिखाकर 3.12 करोड़ की फर्जी आईटीसी ट्रांसफर कराया है। वहीं विभाग की एसआईबी टीम ने संतकबीरनगर और रायबरेली की ओम इंटरप्राइजेज और हापुड़ की साहिर इंटरप्राइजेज व अभिषेक इंटर प्राइजेज की जांच की तो पाया कि ये फर्म बोगस हैं।
अब तक की जांच में एसटीएफ ने पाया कि यूपी के अलावा हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार और महाराष्ट्र में पंजीकृत 74 सप्लायर व्यापारी भी इस हेराफेरी के खेल में शामिल हैं। इन व्यापारियों ने 1855.77 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर 327.49 करोड़ रुपये की आईटीसी में हेराफेरी की गई है। यही नहीं इन व्यापारियों ने यूपी समेत कई अन्य प्रदेश के करीब 503 व्यापारियों को भी बोगस आईटीसी का लाभ दिलाया है।
एसटीएफ के प्रभारी अपर आयुक्त अरविंद कुमार का कहना है कि टैक्स चोरी के खेल में शामिल सभी व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई संबधित प्रदेश के जीएसटी आयुक्तों को पत्र लिखा गया है। वहीं यूपी से संबंधित सभी फर्मों और व्यापारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राज्यकर आयुक्त के निर्देश पर अयोध्या की फर्म पर एफआईआर दर्ज कराया गया है।