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प्लेटफॉर्म पर दौड़ाई बस, ले ली एक जिंदगी

Sun, 07 Sep 2014 03:57 PM IST
संजय त्रिपाठी/अमल उजाला, लखनऊ
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एक रोडवेज बस चालक ने शनिवार दोपहर आलमबाग बस अड्डे के प्लेटफार्म पर बस दौड़ाकर एक मुसाफिर की जान ले ली। चालक तेज रफ्तार से बस बैक कर रहा था।
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हादसे से बस अड्डे पर अफरातफरी मच गई। हादसे का शिकार बना युवक गुर्दे की बीमारी से ग्रस्त अपने चाचा की डायलिसिस कराने बस्ती से आया था।

बस्ती के परशुरामपुर क्षेत्र का रामनरेश यादव (35) शनिवार दोपहर 1:45 बजे अपने चाचा बृजलाल यादव व चचेरे भाई नंदकिशोर के साथ बस से आलमबाग बस अड्डे पर पहुंचा।

वह प्लेटफार्म नंबर 33 से शौचालय की तरफ से बढ़ा ही था कि चारबाग डिपो की बस पीछे की तरफ तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आई।

रामनरेश ने बृजलाल व नंदकिशोर को धक्का मारकर दूर हटाया। इस बीच बस प्लेटफार्म पर चढ़ चुकी बस ने उसे चपेट में लेते हुए दीवार में टक्कर मारी।

दीवार व बस के बीच दबने से रामनरेश गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां मौजूद अधिकारियों ने आनन-फानन रामनरेश को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।

जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने चालक नत्थू प्रसाद को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

इस बीच चालक नत्थू प्रसाद का कहना है कि बस का ब्रेक फेल हो गया था। हालांकि हादसे से कुछ समय पहले बस नादरगंज वर्कशाप से आई थी।
 
तीन बसों को भी मारी टक्कर
हादसे के बाद प्लेटफार्म नंबर 32 पर दीवार से भिड़ी खड़ी रोडवेज बस को कर्मचारियों ने धक्का मारकर हटाया। प्लेटफार्म से उतरते ही बस की रफ्तार बढ़ी और अनियंत्रित हो गई।
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उसने बस स्टेशन पर खड़ी तीन अन्य बसों को पीछे व साइड से टक्कर मारी। इससे एक बार फिर बस अड्डे पर भगदड़ मची। रोडवेज कर्मियों ने किसी तरह बस रोकी।

भतीजे की मौत से चाचा बेखबर
गुर्दे की बीमारी का शिकार पिता बृजलाल की डायलिसिस कराने आए नंदकिशोर ने हादसे का शिकार बने चचेरे भाई रामनरेश को रोडवेज अधिकारियों की मदद से ट्रॉमा सेंटर भेजवाया।

परिवारीजनों को फोन करके हादसे की जानकारी दी और बृजलाल को पास में स्थित अस्पताल में डायलिसिस के लिए पहुंचा दिया।

उन्हें रामनरेश की मौत की भनक नहीं लगने दी गई। चचेरे भाई की मौत पर आंसू बहा रहे नंदकिशोर ने बताया कि रामनरेश दिल्ली में ऑटो चालक था।

चाचा की बीमारी की खबर सुनकर काम छोड़ गांव आया और हर तीसरे दिन उन्हें डायलिसिस के लिए आलमबाग स्थित निजी अस्पताल लाता था।
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