मड़ियांव क्षेत्र में बीएससी की एक छात्रा ने शुक्रवार देर शाम किराएदार की रायफल से खिलवाड़ में अपनी मां को ही गोली से उड़ा दिया। फायर होते ही हाथ से रायफल छूटी और मां के खून से लथपथ शव के पास छात्रा भी गश खाकर गिर गई।
हादसे से बुरी तरह घबराया किराएदार अपनी पत्नी व बच्चों को साथ लेकर रायफल समेत भाग निकला। पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। छात्रा के पिता ने इत्तफाकिया हादसे की तहरीर दी है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मड़ियांव के शिवनगर द्वितीय स्थित मकान में रहने वाली बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा दीक्षा शुक्ला शुक्रवार देरशाम ड्यूटी से लौटे किराएदार आलोक यादव की लोडेड रायफल लेकर खिलवाड़ करने लगी। उसने आलोक के बेटे की तरफ नॉल करके उसे डराया।
माथे से नॉल सटाई और ट्रिगर दबा दिया
हादसे के बाद मौजूद पुलिस
- फोटो : amar ujala
इसके बाद आंगन में बैठी अपनी मां साधना शुक्ला (42) के माथे से नॉल सटाई और ट्रिगर दबा दिया। तेज आवाज के साथ रायफल से निकली गोली ने साधना का भेजा उड़ा दिया। दीक्षा के हाथ से रायफल छूट गई।
मां को खून से लथपथ पड़ा देख दीक्षा चक्कर खाकर गिर गई। बड़ी बेटी दीपाली शोर सुनकर दौड़ी। साधना के पति अनूप शुक्ला ने पुलिस को कॉल करके इत्तफाकिया हादसे की सूचना दी।
इस बीच आलोक यादव अपनी पत्नी सुमन व दो बच्चों के साथ रायफल लेकर भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है। इंस्पेक्टर मड़ियांव को उसके खिलाफ लापरवाही की कार्रवाई व शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के आदेश दिए गए हैं।
'अंकल नहीं जानती थी कि गोली है'
खुद को मां की मौत का जिम्मेदार मान रही बीएससी की छात्रा दीक्षा ने पड़ताल कर रहे एसएसपी से कहा कि आलोक यादव अपनी रायफल खाली करके रखते थे और वह अक्सर उससे खेलती थी। पता नहीं था कि रायफल में गोलियां भरी हैं।
किसी की खता नहीं
पत्नी की मौत पर रो रहे अनूप शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि इंदिरानगर स्थित आंधा बैंक में सिक्योरिटी गार्ड आलोक यादव उसके घर में किराएदार है। ड्यूटी से लौटे आलोक ने रायफल रखने को दी थी।
फर्श पर पानी पड़ा होने की वजह से दीक्षा फिसल गई और रायफल से फायर हो गया। गोली सामने बैठी साधना के माथे पर जा लगी।
सीतापुर के बिसवां क्षेत्र के मूल निवासी अनूप शुक्ला ने बताया कि वह भारतीय विद्यामंदिर में वाहन चालक है। किराएदार आलोक यादव भी सीतापुर का रहने वाला है। एक ही परिवार जैसे रहते थे।