दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व शिरोमणी अकाली दल बादल की दिल्ली इकाई ने शुक्रवार को हिंदी फिल्म संता बंता प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पांच स्थानों पर प्रदर्शन किया।
इसके चलते कई सिनेमा घरों व मल्टीप्लेक्स में यह फिल्म नहीं चल सकी। इतना ही नहीं, कुछ सिनेमा घरों ने इस फिल्म को हटा दिया। राजधानी के 25 सिनेमाघरों ने कमेटी को लिखित में फिल्म नहीं चलाने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व शिरोमणी अकाली दल बादल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने नेहरू प्लेस के सत्यम सिनेमा, कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने सुभाष नगर के मिराज सिनेमा, पूर्व विधायक जितेंदर सिंह शंटी ने कड़कड़डूमा के क्रॉस रिवर मॉल के समक्ष धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि कमेटी सदस्य हरदेव सिंह धनोवा, कुलदीप सिंह साहनी व गुरविंदर पाल सिंह के सामूहिक नेतृत्व में वसंत कुंज के प्रोमेन्ड मॉल में प्रदर्शन किया गया।
फिल्म का प्रदर्शन बंद होना चाहिए
संता-बंता के खिलाफ गुस्सा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
इस दौरान सिखों ने यह फिल्म बनाने की कड़ी निंदा की। इसके अलावा फिल्म का प्रदर्शन रोकने की मांग की। इस मौके पर मंजीत सिंह जीके व अन्य वक्ताओं ने इस फिल्म के संबंध में कमेटी की तरफ से लड़ी गई कानूनी लड़ाई की जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने इस मसले पर देश के अन्य स्थानों पर सिख समुदाय की ओर से इस फिल्म के बारे चुप्पी पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि इस फिल्म का पूरे देश में विरोध होने के साथ-साथ इसका प्रदर्शन बंद होना चाहिए।
मंजीत सिंह जीके ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम को प्रदर्शन का एलान करने के बाद दिल्ली के ज्यादातर सिनेमाघरों ने देर रात फिल्म नहीं लाने का फैसला कर लिया था और उन्होंने शुक्रवार सुबह के एडवांस बुक हुए सारे शो रद्द कर दिए। उन्होंने ने दावा किया कि उनके प्रदर्शनों के बाद दिल्ली के अधिकांश सिनेमाघरों में इस फिल्म का प्रदर्शन नहीं हुआ। उनके अनुसार 25 सिनेमाघरों ने कमेटी को लिखित में फिल्म नहीं चलाने का आश्वासन दिया है।