हादसे के शिकार लोगों के परिजनों से मुलाकात करते पुलिसकर्मी।
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गोसाईंगंज के कबीरपुर गांव के एक गेस्ट हाउस में बुधवार की रात आयोजित तिलक समारोह में पहुंचे कुछ लोगों ने शराब के नशे में विपक्षी को देख गाली गलौज कर माहौल बिगाड़ने का काम किया। जिससे नाराज लोगों ने उसे खदेड़ कर बाहर निकाल दिया। इसके बाद एक व्यक्ति के अपनी कार से गेट पर खड़े कुछ लोगो को रौंदते हुए भाग निकला। इस घटना में एक की मौत हो गई तथा आधा दर्जन लोग घायल हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने शव रखकर सुल्तानपुर रोड जाम कर प्रदर्शन किया।
इंस्पेक्टर शैलेन्द्र गिरी के मुताबिक बुधवार की रात कबीरपुर गांव के पास स्वयंबर लॉन में वहीं के रहने वाले जागेश्वर प्रसाद के बेटे महेंद्र प्रताप का तिलकोत्सव था। देर रात नशे में धुत कुल्लीखेड़ा निवासी आशीष रावत, आशीष यादव निवासी कबीरपुर को देखकर गाली गलौज करने लगा। दोनों के बीच हाथा पाई शुरू हुई तो तिलक समारोह का माहौल खराब न हो इसलिए दोनों को लॉन से बाहर खदेड़ दिया गया। जिससे नाराज होकर आशीष रावत ने अपनी कार से लॉन के गेट के पास खड़े लोगो को रौंद दिया और फरार हो गया जिसमें गेट पर खड़े सूरज यादव (26),
हौसला प्रशाद यादव, उधम सिंह, सतीश यादव, रामकुमार, राज वीर (भोले) , अभय यादव (लल्ला), आशीष यादव (भूरा), मनीष यादव, स्वप्निल (राधे) , आदि घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए क्षेत्र के अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सूरज की इलाज के दौरान मेदांता में मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर गोसाईंगंज के मुताबिक आरोपितों को हिरासत में लिया जा चुका है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
मातम में बदली खुशियां: लोग एक ओर जहां डीजे की धुन पर थिरक रहे थे वहीं अचानक गाली गलौज से माहौल बिगड़ गया। खुशियां उस समय मातम में बदल गई कार से रौंदे जाने में कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद डीजे की धुन की जगह चीखें सुनाई पड़ने लगीं।