इस वजह से भी था परेशान
एसडीएम हसनगंज ने जानकारी दी कि महेश के खाते में प्रधानमंत्री आवास योजना व मनरेगा के तहत 1.45 लाख रुपये भेजे गए थे। गांव के एक अन्य महेश के खाते में 1.20 लाख रुपये आए थे, मगर इस राशि से गलती से 40 हजार रुपये पीड़ित महेश के खाते में चले गए थे। जांच में इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों ने पीड़ित महेश के खाते से 40 हजार की इस धनराशि की निकासी पर रोक लगा दी थी। महेश इस रकम को अपना पैसा मान रहा था, इसी वजह से वह परेशान था। एसडीएम के मुताबिक, मामले की जांच कराने के साथ ही महेश को पूरे मामले से अवगत कराकर समझा दिया गया था। एसडीएम का कहना है कि महेश का पट्टीदार से जमीन विवाद का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
ठीक नहीं है मानसिक स्थिति
महेश की पत्नी ने जानकारी दी कि पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसका आशियाना क्षेत्र स्थित एक अस्पताल से इलाज चल रहा है। कुछ समय पहले ही महेश ने प्रधानी का चुनाव भी लड़ा था। उसमें उसे सात मत मिले थे। इसको लेकर वह परेशान था कि चुनाव में काफी रुपये भी खर्च हो गए थे। तभी से मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
उधर, महेश के हजरतगंज चौराहे पर आत्मदाह के प्रयास की सूचना मिलते ही उन्नाव से इंस्पेक्टर हसनगंज महेश चंद्र, सीओ राजकुमार शुक्ला और तहसील प्रशासन के अधिकारी उसके गांव पहुंचे। उन्होंने वहां से पूरे मामले की जानकारी हासिल की है।