पैसों के लेनदेन के चलते दो भाइयों में दुश्मनी इस कदर बढ़ी कि छोटे भाई ने बड़े भाई को बुधवार को सरेराह गोली से उड़ा दिया। रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल के पास दिनदहाड़े फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने घायल राजेश को ट्रॉमा सेंटर भेजा, जहां उसने दम तोड़ दिया।
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ठेकेदार बृजेश और उसके दोस्त अजय पांडेय को लाइसेंसी रायफल व रिवॉल्वर के साथ गिरफ्तार कर लिया है। ठेकेदार ने बड़े भाई पर भी फायरिंग का आरोप लगाया था, जो झूठा निकला।
एसओ तालकटोरा अशोक यादव ने बताया कि पारा थाने के शीतलापुरम निवासी प्रॉपर्टी डीलर राजेश कुमार सिंह बुधवार सुबह दस बजे बाइक से आलमबाग जा रहा था।
...और भाई पर दाग दी गोली
घटना से आसपास सनसनी फैल गई
- फोटो : amar ujala
रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल के पास तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र की तरफ से स्कॉर्पियो से आ रहे उसके छोटे भाई बृजेश ने सामने से गाड़ी लगाकर उसे रोका और गालीगलौज करते हुए रायफल से गोली मार दी।
स्कॉर्पियो से उतरे बृजेश के दोस्त अजय पांडेय को रिवॉल्वर लहराते देख भगदड़ मच गई। इस बीच एक राहगीर ने पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस ने बृजेश व अजय को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल रायफल व रिवॉल्वर और स्कार्पियो कब्जे में ली।
घायल राजेश को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पिता कपिलदेव सिंह ने छोटे बेटे बृजेश सिंह, उसके दोस्त अजय पांडेय उर्फ पिंटू और चालक बघेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
झूठी निकली आत्मरक्षार्थ फायर की कहानी
घटनास्थल का जायजा लेते पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
हत्थे चढ़े बृजेश सिंह ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि राजेश से तनातनी चल रही थी। वह बुधवार सुबह चारबाग में अपने ठेके पर गया था।
कुछ देर बाद पत्नी सरिता ने फोन कर बड़े भाई राजेश द्वारा झगड़ा और हवाई फायर किए जाने की सूचना देकर घर आने को कहा। वह अपने दोस्तों संग स्कार्पियो से घर जा रहा था।
रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल के पास बाइक से आ रहे राजेश ने उसे निशाना बनाकर फायर किया। इस पर उसने रायफल से आत्मरक्षार्थ गोली चलाई जो राजेश के पेट में जा लगी। घायल राजेश को ट्रॉमा सेंटर ले जाने का प्रयास कर रहा था कि पुलिस आ गई।
पुलिस ने मौके पर छानबीन के साथ लोगों से पूछताछ की। एसओ का कहना है कि किसी ने भी राजेश द्वारा गोली चलाने की पुष्टि नहीं की, न ही राजेश के पास कोई असलहा बरामद हुआ।
जांच करती पुलिस टीम व घटनास्थल पर लगी भीड़।
- फोटो : amar ujala
तालकटोरा थाने की टीम मौका-ए-वारदात से लेकर ट्रॉमा सेंटर तक छानबीन कर रही थी तो पारा थाने की पुलिस ने शीतलापुरम में कपिलदेव सिंह के घर पहुंचकर तहकीकात की। बुजुर्ग कपिलदेव ने बताया कि बड़ा बेटा राजेश प्रॉपर्टी डीलिंग करता था और पत्नी शीला, बेटे गौरव व बेटी शिप्रा के साथ प्रथमतल पर रहता था।
छोटा बेटा चारबाग में कैब का ठेका चलाता है। वह अपनी पत्नी सरिता व दो बच्चों के साथ भूतल पर रहता है। दोनों भाइयों में गाड़ी के पैसों के लेनदेन का विवाद चल रहा था। इसके चलते मंगलवार रात बृजेश ने साथियों की मदद से राजेश से मारपीट की थी।
वहीं, आसपास के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी कि कपिलदेव अपने बड़े बेटे राजेश के साथ रहते थे और उनकी पत्नी दमयंती देवी छोटे बेटे बृजेश के परिवार के साथ रह रही थी। दमयंती देवी को शीला से कानाफूसी करते देख सरिता चिढ़ जाती थी और सरिता के साथ बातचीत पर शीला को नाराजगी होती थी।
दिन भर दोनों बहुओं में तनातनी होती। घर लौटने पर दोनों भाइयों के कान भरे जाते तो वह आपस में झगड़ते थे। औरतों के प्रपंच ने दोनों भाइयों को जानी दुश्मन बना डाला।