पुलिस के मुताबिक आरोपी को दबोचने के लिए जाल बिछाना पड़ा था। पीड़िता ने जो मोबाइल नंबर दिये थे। वह लगातार बंद आ रहे थे। जिसके कारण पुलिस ने अखबार में एक विज्ञापन निकाला। जिसमें आर्थिक रूप से संपन्न महिला का नाम, पता और मोबाइल नंबर दिया। जालसाज ने विज्ञापन देखने के बाद दिये गये पुलिस के नंबर पर कॉल किया। कॉल आने के बाद महिला पुलिसकर्मी से बातचीत कराई गई। उसे लगातार चैटिंग की गई। रुपये मांगने पर उसे देने के लिए लखनऊ बुलाया गया। लखनऊ आते ही साइबर क्राइम सेल की टीम ने उसे दबोच लिया।
इंस्पेक्टर रणजीत राय के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कानपुर के नवाबगंज, कोतवाली नगर, चकेरी में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अभी आरोपी की कुंडली खंगाल रही है। उसके मोबाइल से कई नंबर मिले है। जिसके जरिए पीड़ित महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है।