हजरतगंज इलाके में बुधवार को सड़क पर खड़ी अपनी गाड़ी उठाए जाने
पर सभासद भड़क उठा।
खुद को एक मंत्री का करीबी बताते हुए यातायात
सिपाहियों से भिड़ गया। बावजूद इसके बात न बनने पर करीब एक घंटे तक सड़क पर
बवाल करता रहा।
आखिरकार नगर आयुक्त के हस्तक्षेप पर गाड़ी को बिना
जुर्माना वसूले छोड़ दिया गया।
यातायात पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
गाजियाबाद का एक सभासद अपने चार साथियों के साथ लखनऊ आया था। दोपहर करीब
तीन बजे अपनी एसयूपी को कॉफी हाउस के बाहर सड़क पर ही खड़ाकर कॉफी पीने चला
गया।
बेहद व्यस्त सड़क पर खड़ी गाड़ी के चलते जाम लगने लगा। इस पर ट्रैफिक
सिपाहियों ने क्रेन की मदद से गाड़ी उठा ली। थोड़ी देर बाद पहुंचा सभासद
गाड़ी गायब देख सन्नाटे में आ गया।
आसपास के लोगों से पता चला कि गाड़ी
ट्रैफिक सिपाही उठा ले गए हैं। इस पर सभासद महोदय सीधे सिपाहियों के पास
पहुंचे और बिना जुर्माना भरे गाड़ी ले जाने पर अड़ गए।
इस दौरान खुद को एक
मंत्री का करीबी बताते हुए रौब गांठने की भी कोशिश की। बात न बनने पर नगर
आयुक्त को फोन किया और उनके हस्तक्षेप से गाड़ी छुड़ा ले गया।
यही नहीं
गाड़ी फिर सड़क पर खड़ी कर दी, जिसे क्रेन से दोबारा उठाया गया। लेकिन
पहुंच दिखाते हुए सभासद एक बार फिर से बिना जुर्माना भरे गाड़ी लेकर चलता
बना।