नेपाल की एक किशोरी के साथ शुक्रवार रात को हुए गैंगरेप के मामले में शनिवार देर रात तक वर्दिया गांव के पूर्व प्रधान के घर पंचायत चली। आरोपी माफी मांगने आए तो किशोरी ने उन्हें भरी पंचायत चप्पलों से पीट दिया।
इसके बाद सुबह सुजौली थाने पहुंचकर गैंगरेप के पांचो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
नेपाल के वर्दिया जिला निवासी एक 17 वर्षीय किशोरी शुक्रवार रात को भारतीय सीमा में नोंमेंस लैंड के निकट स्थित कटियारा गौढ़ी शिव मंदिर परिसर में रामलीला देखने आयी थी। वापस लौटते समय वर्दिया निवासी पांच युवकों ने उसे अगवा कर गैंगरेप किया था।
इस मामले में शनिवार दोपहर बाद पूर्व प्रधान श्यामलाल के आवास पर सुलह समझौता के लिए पंचायत शुरू हुई।
किशोरी ने समझौता करने से किया इंकार
लगी पंचायत में किशोरी के परिजन और गांव के लोग जमा थे। दोपहर एक बजे से रात आठ बजे तक पंचायत चली लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसी बीच पांचो आरोपी अपनी गलती स्वीकार करने पंचायत में माफी मांगने पहुंच गए। किशोरी ने सभी के सामने युवकों की चप्पल से पिटाई की।
किशोरी ने समझौता करने के इंकार कर दिया। इसके चलते पंचायत स्थल पर काफी गहमा-गहमी रही। रात में नेपाल के कोठियाघाट चौकी की पुलिस और एसएसबी वर्दिया आउटपोस्ट के जवान भी गांव पहुंचे।
नेपाल पुलिस की अभिरक्षा में किशोरी और उसके परिजनों को घर भेजा गया। रविवार सुबह किशोरी ने अपनी मां और बहन के साथ सुजौली थाने पहुंचकर गैंगरेप के आरोपी राजू, राजन, किशन, श्यामदेव समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
थानाध्यक्ष आरपी पांडेय ने बताया कि किशोरी की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी पांचो युवक फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
दूतावास को पत्र लिखने की बात पर हरकत में आई पुलिस
वर्दिया गांव में पंचायत के दौरान नेपाल पुलिस भी पहुंची थी। उसने पूरे मामले से भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर अवगत कराने की बात कही थी।
इस मामले में कोठियाघाट के एसएसआई मधुकर बिंद और धनौरा पुलिस चौकी इंचार्ज वन बहादुर ने सुजौली पुलिस को पत्र भी लिखा था।
मामले को बढ़ता देख आनन-फानन में पुलिस ने पांचो आरोपियों के खिलाफ किशोरी को अगवा कर गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने का केस दर्ज किया है।