मोहनलालगंज में युवती से दरिंदगी और लॉ स्टूडेंट गौरी श्रीवास्तव के टुकड़े-टुकड़े करके शहीद पथ पर फेंकने के बाद राजधानी में हैवानियत का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है।
बदमाशों ने एक युवती की हत्या करके उसके पैरों में पत्थर बांधे और गोमती नदी में फेंक दिया। मंगलवार दोपहर युवती का निर्वस्त्र शव महानगर में चांद मस्जिद के सामने नदी में उतराता मिला। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। युवती की रेप के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतका की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
महानगर इंस्पेक्टर संजय नाथ तिवारी का कहना है कि मृतका की उम्र 25 से 30 वर्ष है। सिर व चेहरे पर चोटें हैं। उन्होंने कहा कि शव करीब 10 दिन पुराना है इसलिए शरीर की अन्य चोटें स्पष्ट नहीं हो पा रही हैं। इंस्पेक्टर ने शव कहीं से बहकर आने की बात कही है।
युवती कौन है? यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीन दिन तक युवती की शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजधानी और आसपास के जनपदों से लापता युवतियों के परिवारीजनों से संपर्क कर शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
तीन दिन से पड़ा था शव
इलाकाई लोगों ने बताया कि शव बीते तीन दिन से नदी में उतरा रहा था। लोगों ने डर के चलते इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी। दोपहर करीब दो बजे किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी।
इस घटना के अलावा एक और मामला सामने आया है। चांद मस्जिद के पास नदी में महिला का शव मिलने के अलावा हनुमान सेतु के पास एक पैर मिलने की खबर ने महानगर पुलिस के होश उड़ा दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने पैर निकलवाकर मर्च्युरी भेजा है। पुलिस का कहना है कि दायां पैर किसी आदमी का लग रहा है।
युवती का चेहरा कुचला हुआ था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का मानना है कि पहचान छिपाने के लिए हत्यारों ने ऐसा किया है। हालांकि, परिस्थितिजन्य साक्ष्य युवती के साथ हैवानियत की आशंका जता रहे हैं।
मृतका के सिर से गर्दन तक कई घाव हैं जिससे किसी धारदार हथियार के इस्तेमाल की आशंका है। सिर पर बाल नहीं थे। माना जा रहा है कि जान से मारने से पहले हत्यारों ने युवती को काफी प्रताड़ित किया और उसके बाल काट डाले। इंस्पेक्टर का कहना है कि मृतका के शरीर पर अंगूठी-बिछिया या अन्य कोई जेवर नहीं मिला है।
घर से गायब महिला का शव तो नहीं!
महानगर इलाके में गोमती में फेंका गया युवती का शव कहीं इंदिरानगर में घर से गायब गीता पांडे (29) का तो नहीं है? गीता के पति मयंक ने बीती आठ फरवरी को इंदिरानगर थाना में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। महानगर इंस्पेक्टर ने मयंक से संपर्क किया। इसके बाद पति समेत परिवार के लोग देर रात शिनाख्त के लिए मॉर्च्युरी पहुंच गए। हालांकि, शव सील होने के चलते पुलिस ने बुधवार सुबह बुलाया है।
बिल्डिंग मैटेरियल की ठेकेदारी करने वाला मयंक निजामुद्दीनपुर के चांदन में रहता है। उसने बताया कि इंदिरानगर निवासी गीता से 2008 में लव मैरिज की थी। एमएससी कर रही गीता विशालखंड स्थित एक प्ले वे स्कूल में पढ़ाती थी। बीती दो फरवरी को ढाई साल के बेटे अनय के साथ घर से चली गई थी।
जाते वक्त स्कूटर और चार लाख रुपये के गहने भी ले गई। मयंक ने बताया कि गीता ने स्कूल में कहा था कि पति को मुंबई में अच्छा काम मिल गया है और वहीं जा रही है। हालांकि, घर से जाने के बाद भी गीता से फोन पर बातचीत होती रही।
इस दौरान उसने लखीमपुर के लखनऊ पब्लिक स्कूल में पढ़ाने की जानकारी दी थी। हालांकि, मिलने के लिए इन्कार कर देती थी। मयंक ने बताया कि 10 फरवरी को आखिरी बात बात हुई। इसके बाद से गीता का फोन स्विच ऑफ है। इंस्पेक्टर मड़ियांव राम पाल यादव ने बताया कि गुमशुदगी की सूचना दर्ज कर ली गई है।