बिजली के बिलों को कम कर यूपी पावर कॉर्पोरेशन को करोड़ों का चूना लगाने केमामले में एसटीएफ ने कुछ और अभियंताओं को चिह्नित किया है। एसटीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक अभी तक की पड़ताल में कई ऐसे अभियंताओं व अधिकारियों को चिह्नित किया गया है जिनकी लॉगिन आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर बिजली बिलों में हेराफेरी की जा रही थी। बिजली विभाग के कई कर्मचारियों को एसटीएफ पहले ही चिह्नित कर चुकी है। एसटीएफ कुछ और साक्ष्य जुटा रही है जिसके बाद धर-पकड़ का सिलसिला शुरू होगा।
शुरुआत में यह घोटाला गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी व पूर्वांचल के कुछ अन्य जिलों में सामने आया था। आजमगढ़ और गोरखपुर में इस मामले में कई मुकदमे भी दर्ज कराए गए। पता चला था कि अफसरों व अभियंताओं के पासवर्ड का इस्तेमाल कर लाखों रुपये के बिजली बिलों को हजारों में और हजारों रुपये के बिल को सैकड़ों में कर दिया गया। जिन उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिला, उनसे रकम वसूली गई।
इस मामले में एसटीएफ ने यूपीपीसीएल की तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी एचसीएल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। कई दलालों के नाम भी सामने आए थे जिनसे एसटीएफ ने पूछताछ की थी। एसटीएफ को पता चला कि घोटाला लंबे अरसे से कई जिलों में चल रहा था, लेकिन बगैर सारा डाटा हासिल हुए इसका आकलन करना संभव नहीं है कि पावर कॉर्पोरेशन को कितनी रकम का चूना लगाया गया।
पावर कॉर्पोरेशन को फिर नोटिस जारी करेगी एसटीएफ
एसटीएफ एक बार फिर पावर कॉर्पोरेशन को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। आईजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार कॉर्पोरेशन को अफसरों के पासवर्ड व बिलों के बारे में जानकारी मुहैया कराने के लिए कई बार लिखा जा चुका है। हर बार बताया जाता है कि जो डाटा मांगा जा रहा है, वह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रमाणों और साक्ष्यों के अभाव की वजह से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।