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UP: एक साल में 4937 हत्या और 2801 बलात्कार

Sat, 22 Feb 2014 09:15 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला़, लखनऊ
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प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को विधान परिषद में स्वीकार किया कि सूबे में अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।
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कांग्रेस के नसीब पठान के सवाल पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से लिखित उत्तर में बताया गया कि 1 जनवरी 2013 से 15 जनवरी 2014 के बीच प्रदेश में हत्या की 4937, आगजनी की 344, डकैती की 516, बलात्कार की 2801 तथा लूट की 3368 घटनाएं हुई हैं।

हत्या की घटनाओं में 01, आगजनी की घटनाओं में 19, डकैती की घटनाओं में 131, बलात्कार की घटनाओं में 50 प्रतिशत और लूट की घटनाओं में 17 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
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नेता सदन अहमद हसन जब सदस्यों के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे उसी बीच पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी सदन में पहुंचे।

चौधरी ने कुछ ऐसी बातें कहीं जिनको लेकर बसपा के सदस्य नाराज होकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

अंबिका चौधरी और नेता प्रतिपक्ष में जमकर कहासुनी हुई। सभापति ने सदन की कार्यवाही आधा घंटा के लिए स्थगित कर दी।

कांग्रेस के नसीब पठान के पूरक प्रश्न के जवाब में नेता सदन अहमद हसन ने जवाब दिया कि क्राइम सेल की कोई अलग व्यवस्था नहीं है।

यह पुलिस विभाग का ही हिस्सा है। सारे मामले थानों में ही दर्ज होते हैं। अगर किसी मामले में थाने की भूमिका ठीक नहीं पाई जाती है तो इस सेल से जांच कराई जाती है।

विपक्ष ने कहा कि सरकार अभी तक बताती थी कि अपराध कम हो रहे हैं। पर, जो जवाब आया है उससे साफ है कि अपराध बढ़े हैं। सरकार का कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं है।

हमारे जमाने में नहीं लुटी कोई रेलगाड़ी
नेता सदन ने कहा कि बसपा शासन में बहुत अपराध होते थे। सपा सरकार में घटे हैं। बसपा की सरकार में आए दिन बैंकों में और रेलगाड़ियों में लूट होती थी। महिलाओं का सड़कों पर निकलना दूभर था।

चेन स्नेचिंग की घटनाओं से लोग त्रस्त थे। सपा सरकार बनने के बाद न तो कोई बैंक लुटी और न कोई रेलगाड़ी।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नेता सदन जानबूझकर इस तरह की बातें कर रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति की पूरी तस्वीर सदन में न आ सके।

सभापति बोले, विषयान्तर न करें नेता सदन
नेता सदन जब अपनी बात बोलते रहे तो सभापति गणेश शंकर पांडेय को कहना पड़ा कि नेता सदन विषयान्तर न करें।

सदन का समय बहुत मूल्यवान है। पर, नेता सदन जब अपनी ही बात बोलते रहे तो नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी खड़े हो गए।

कहा कि सरकार के मंत्री पढ़कर आते नहीं। जब सवाल होते हैं तो जवाब से बचने के लिए पीछे की सरकारों पर चले जाते हैं।

कहा कि नेता सदन अगर बसपा की सरकार में ज्यादा अपराध बता रहे हैं तो बसपा सरकार के 2010-11 और 2011-12 तथा अपनी सरकार के दो साल की घटनाओं के आंकड़े दे दें। सच्चाई सामने आ जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष व अंबिका चौधरी में तनातनी
नेता प्रतिपक्ष की बात पर अचानक अंबिका चौधरी खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की यह टिप्पणी ठीक नहीं है कि मंत्री पढ़कर व तैयारी करके नहीं आते।
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नेता प्रतिपक्ष अपनी टिप्पणी वापस लें और सभापति से भी आग्रह है कि वे इसे रिकार्ड से निकलवा दें। सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने किसी भी असंसदीय शब्द का प्रयोग नहीं किया है। जिसे वापस लेने की जरूरत हो।

अंबिका चौधरी फिर खड़े हो गए। इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष व चौधरी में तनातनी हो गई। चौधरी ने कहा कि सदन किसी की धमकी से नहीं चलेगा।
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