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'नो बॉल दे दो, नहीं तो तमंचे पर करा देंगे डिस्को'

Sun, 15 Feb 2015 09:56 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम इलेवन व आईएएस इलेवन के बीच क्रिकेट मैच के दौरान ‘बाउंसरों’ की खूब बरसात हुई। हालांकि यह बौछार खिलाड़ियों के बजाय कमेंटेटरों की ओर से हुई। इस बहाने दर्शकों को सियासत व नौकरशाही के बीच के रिश्तों को देखने-समझने और उसका आनंद उठाने का मौका मिला।
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सीएम इलेवन की अगुवाई कर रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने टॉस जीता तो तालियों के बीच आवाज गूंजी- बॉस का टॉस। फील्डिंग सज ही रही थी कि बाउंसर छूटने शुरू हो गए। सीएम इलेवन की ओर से नावेद सिद्दीकी और उनकी टीम ने मोर्चा संभाला तो आईएएस इलेवन की ओर से केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा एसपी गोयल ने।

पहला बाउंसर सीएम के कैंप से आईएएस इलेवन पर गिरा। आवाज आई-‘टीम में आधे खिलाड़ी तो सिफारिशी लग रहे हैं’। खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया बल्लेबाजी करने आए तो एक नो बॉल पर अंपायर की नजर नहीं गई। तभी कमेंटेटर बॉक्स से गरजती हुई आवाज आई-नो बॉल दे दो, नहीं तो तमंचे पर डिस्को करा देंगे।
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विधायक ने कैच छोड़ा तो समझो सीएम ने मुंह मोड़ा

जब आईएएस इलेवन के खिलाड़ी बल्लेबाजी करने मैदान में आए तो सीएम कैंप से आवाज आई- किसी विधायक ने कैच छोड़ा तो समझो सीएम ने मुंह मोड़ा।

आईएएस लॉबी ने जवाब में कहा, अफसर उस विधायक और मंत्री का शासन से जिले तक खूब करेंगे काम। इसका जवाब आया, एक्सटेंशन का जमाना है, तो फिर आप एक्सटेंशन पा जाओगे।

गलियों में खूब जाते हैं मंत्रीजी
व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र कुछ देर के लिए गली में लगाए गए। कमेंट हुआ, मंत्रीजी आजकल गलियों में खूब जाते हैं। जब गेंद छूटी तो तंज कसा गया, दोस्ती निभा रहे हैं। सहानुभूति तो आईएएस के साथ रहेगी। बताते चलें, मिश्र के पिता जयशंकर मिश्र भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं।

बढ़िया कमेंटरी कर रहे हैं, यशभारती मिल जाएगा
नवेद सिद्दीकी को बार-बार दर्जा प्राप्त कमेंटेटर कहकर पुकारा गया। इसी बीच आवाज आई, बढ़िया कमेंटरी कर रहे हैं, यशभारती मिल जाएगा। आईएएस कैंप ने तंज कसा- ऐसे ही यशभारती मिलेगा तो जाहिर है कैसे मिल रहा होगा?

मैदान में एक ही मुख्य सचिव रह सकते हैं

कुछ देर के लिए पूर्व मुख्य सचिव जावेद उस्मानी और मौजूदा मुख्य सचिव आलोक रंजन एक साथ क्रीज पर थे। जब उस्मानी आउट हुए तो कहा गया- मैदान में एक ही मुख्य सचिव रह सकता है। इसीलिए उस्मानी साहब चले गए।

चीफ को नहीं एक्सटेंशन की दरकार
मुख्य सचिव आलोक रंजन काफी खुलकर खेल रहे थे। दूसरे छोर से आवाज आई-लग रहा है एक्सटेंशन लेना है। आईएएस कैंप से जवाब गया, अभी नेचुरल खेल दिखा रहे हैं, एक्सटेंशन की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री भी मुस्कुरा पड़े। हालांकि कुछ देर बाद रंजन मुख्यमंत्री की गेंद पर आउट हो गए।

सहगल साहब हर सरकार में अच्छा खेलते हैं
प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल के मैदान पर पहुंचते ही सीएम कैंप से आवाज आई, सरकार कोई भी हो, सहगल साहब अच्छा खेलते हैं। उन्होंने सीएम इलेवन के खिलाड़ी की गेंद चुस्ती से पकड़ी तो आवाज आई, कल पक्का बुलाए जाएंगे सहगल साहब। जब वे बल्लेबाजी करने उतरे तो कहा गया, क्या करें-क्या न करें, इसी मुश्किल में पड़ गए हैं। वह आउट होने के लिए परेशान हैं।

आईएएस इलेवन से खेल रहे या पंचम तल की ओर से

विकेट कीपिंग कर रहे सीएम के सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा से कई गेंदें छूटीं तो तीर चला-विकेट कीपर आईएएस इलेवन की ओर से खेल रहे हैं या पंचम तल की ओर से।

जब पार्थो की पत्नी वरिष्ठ आईएएस लीना जौहरी आईं तो आईएएस लॉबी से आवाज आई-पार्थसारथी को कुछ नहीं कहना, मैडम आ गई हैं। वे गड़बड़ खेलेंगे तो घर का दरवाजा बंद हो जाएगा। पार्थो ने जब बैटिंग में कई अच्छे शॉट लगाए तो आवाज आई-लीना की हंसी सुन ली है।

फिक्सिंग की बात न करें, यशस्वी यादव यहीं होंगे
आईएएस इलेवन की ओर से 2013 बैच के रवींद्र मंदर ने कई अच्छे शॉट खेले। आवाज आई- अच्छा खेलो, जहां प्रोबेशन पर हो, वहीं बन जाओगे कलेक्टर।

चीफ साहब ने प्रमुख सचिव नियुक्ति को दे दिया है निर्देश। जब रवींद्र को बिना आउट हुए बाहर किया जाने लगा तो आवाज आई- लग रहा है मैच फिक्स हो गया। दूसरी ओर से जवाब आया, फिक्सिंग की बात न करें, यशस्वी यादव साहब यहीं होंगे।
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बढ़िया खेलो, प्रमुख सचिव का चार्ज मिल जाएगा

गन्ना आयुक्त सुभाषचंद शर्मा से एक कैच छूट गया तो ताने चले- ये गन्ने की फसल नहीं है कि एक ही जगह खड़े रहोगे, दौड़ना पड़ेगा। बढ़िया खेलो, गन्ना मूल्य का भुगतान हो या न हो प्रमुख सचिव का चार्ज मिल जाएगा।

कलेक्टरी गई...ना-ना....रहेगी बरकरार
मिर्जापुर के डीएम अनिल कुमार थर्ड से मिसफील्ड हुई तो आवाज आई-‘अनिल का मिर्जापुर से ट्रांसफर बिल्कुल तय है’। हालांकि अगले ही क्षण जब उन्हें विकेट मिला तो कहा गया, ‘मिर्जापुर में कलेक्टरी बरकरार रहेगी’। इसी बीच प्रमुख सचिव पशुपालन रजनीश गुप्ता आए तो स्वागत हुआ -‘सारे पशुओं को लेकर आए हैं गुप्ताजी, लेकिन पशु मैदान से बाहर हैं’।

गेंद ही नहीं, एप्लीकेशन भी अच्छा घुमाते हैं
झांसी के डीएम अनुराग यादव कानपुर के विधायक इरफान सोलंकी को गेंद डालने आए तो बाउंसर छूटा- ‘ये गेंद बहुत अच्छा घुमाते हैं। एक बार मैं एप्लीकेशन लेकर गया था तो उसे भी घुमा दिया’।
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