अमित गुप्ता ने कहा प्रदूषण की समस्या एक दिन पटाखे न जलाने से खत्म नहीं हो जाएगी और बहुत से कारण है। पर्यावरण में प्रदूषण फैलने के लिए सरकार को पटाखे को प्रतिबंधित करने से पहले और भी प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टिरियों और गाड़ियों पर अंकुश लगाना चाहिए।
उम्मीद पर फिर गया पानी
सतनाम सिंह ने कहा कि सरकार ने अपने हिस्से का जीएसटी और दूसरे टैक्स एकत्र करके कमाई कर ली। लेकिन जब छोटे दुकानदारों को माल बेचने का समय आया तो सरकार ने उनके भविष्य को सोचे बगैर एकतरफा फैसला लेकर उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
अभिषेक चौहान ने कहा कि त्योहार के पांच दिन पहले एकदम से इस प्रकार का कड़ा प्रतिबंध लगाने से पहले व्यापारियों की दशा और उनके परिवार की रोजी-रोटी के बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए। कोई बीच का रास्ता निकाल कर उनको राहत देनी चाहिए।
सरकार को सोचना चाहिए
राजकुमार गुप्ता ने कहा कि अगर कोई फैसला लेना था, तो समय पर सरकार लेती। जब दुकानदारों ने अपने हिस्से की खरीद फरोख्त कर ली तब एकदम से इस प्रकार का कड़ा निर्णय कतई उचित नहीं है।