छात्र-छात्राओं ने 20 जुलाई को होने वाले कम्बाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी-2014) पर निगरानी के लिए आईआईटी जैसे संस्थान की मदद लेने की मांग की है।
उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखने की बात कही है।
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अभ्यर्थियों ने केजीएमयू के सीपीएमटी सेल के अधिकारियों पर दोबारा होने वाली परीक्षा में भी गड़बड़ी करने का संदेह जताया है।
आईआईटी की हो निगरानी
भले ही एक तरफ केजीएमयू प्रशासन परीक्षा को सुरक्षित तरीके से सम्पन्न कराने में लगा हुआ है, वहीं उस पर आरोप भी लगते जा रहे हैं।
इस बार कुछ अभ्यर्थियों ने पूरे परीक्षा सेल पर ही संदेह जताया है। उनका कहना है कि सीपीएमटी की आयोजन समिति पर एक और सुपरविजन किसी और अथॉरिटी से कराया जाए।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आईआईटी जैसे किसी संस्थान को इस परीक्षा में सुपरविजन करने की मांग करेंगे।
चुनौती बनी सीपीएमटी
केजीएमयू प्रशासन के लिए सीपीएमटी चुनौती बनता जा रहा है। पूरे जुलाई में परीक्षाओं का दौर चलेगा। परीक्षा नियंत्रक को 20 जुलाई को सीपीएमटी कराना है।
इससे पहले चार जुलाई से एमबीबीएस की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। केजीएमयू सहित इलाहाबाद, कन्नौज, आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज में ये परीक्षाएं होंगी। इसी बीच 11 जुलाई को डीएम-एमसीएच परीक्षा की शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है।
एमबीबीएस में लगभग 650 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। डीएम-एमसीएच की 57 सीटों के लिए भी हजारों की संख्या में आवेदन आते हैं।
ये परीक्षा भी काफी संवेदनशील मानी जाती है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके सिंह का कहना है कि सभी परीक्षाएं सफलतापूर्ण आयोजित होंगी।